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छड़ी यात्रा से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा

इसी महीने की 12 तारीख को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने छड़ी यात्रा को हरिद्वार तीर्थ नगरी की अधिष्ठात्री देवी माया देवी मंदिर के प्रांगण से चारों धामों के लिए रवाना किया था।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

सुनील दत्त पांडेय

जम्मू-कश्मीर में स्थित शिव के धाम अमरनाथ की तर्ज पर उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा ने पवित्र छड़ी यात्रा प्रारंभ करके एक नई पहल की है इस पवित्र छड़ी यात्रा से जहां उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों और चार धाम यात्रा को और अधिक बढ़ावा मिलेगा वही कुमाऊं और गढ़वाल मंडल को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ेगा भी। इसी महीने की 12 तारीख को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने छड़ी यात्रा को हरिद्वार तीर्थ नगरी की अधिष्ठात्री देवी माया देवी मंदिर के प्रांगण से चारों धामों के लिए रवाना किया था।

पवित्र छड़ी यमुनोत्री, गंगोत्री होती हुई केदारनाथ और बद्रीनाथ से कुमाऊं मंडल के विभिन्न तीर्थ स्थलों में होते हुए हरिद्वार जूना अखाड़े में 5 नवंबर को वापस आएगी और माया देवी के मंदिर में प्रतिष्ठित की जाएगी। करीब 172 सालों से यह यात्रा बंद पड़ी हुई थी और अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महन्त हरि गिरि महाराज की पहल पर यह यात्रा फिर से शुरू हो पाई है। महंत हरि गिरि ने बताया कि उत्तराखंड के चार धामों में इस पवित्र छड़ी को हरिद्वार से ले जाने की परंपरा पहली बार शुरू की जा रही है। इससे पहले यह छड़ी बागेश्वर कुमाऊं मंडल से चारों धामों के लिए निकलती थी। और बागेश्वर से उत्तराखंड के चारों धामों के लिए निकलने वाली इस पवित्र छड़ी यात्रा की परंपरा ग्यारह सौ साल पुरानी है।

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