Uttarakhand readying adventure sports policy- ऋषिकेश में जल्द हो सकती रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स नीति का मसौदा तैयार कर रही सरकार! - Jansatta
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ऋषिकेश में जल्द हो सकती रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स नीति का मसौदा तैयार कर रही सरकार!

उत्तराखंड सरकार राज्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नीति का मसौदा तैयार कर रही है।

Author नई दिल्ली | August 7, 2018 4:29 PM
रिवर राफ्टिंग की तस्वीर

उत्तराखंड सरकार राज्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नीति का मसौदा तैयार कर रही है। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। इस नीति में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जाने के साथ उपकरणों की गुणवत्ता के मानक भी तय होंगे। इस नीति के मसौदे को मंत्रीमंडल के सामने पुष्टि के लिए जल्द से जल्द पेश किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, “रिवर राफ्टिंग के लिए पहले से ही एक नीति है और अब सरकार ट्रैकिंग, एयरो-स्पोर्ट्स और अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी नीति तैयार कर रही है। इसमें खेल को पसंद करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। इस नीति को पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है और यह अंतिम चरण में है। पर्यटन विभाग के सचिव दिलिप जवालकर का कहना है कि वह एडवेंचर स्पोर्ट्स के विकास को सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही दिलिप यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा मानकों को कायम रखा जा सके।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कोर्ट ने उत्तराखंड में जारी रिवर राफ्टिंग,ट्रैकिंग और वार्टर स्पोर्ट्स की एक्टीविटीज पर को बैन कर दिया था और सरकार को एक मसौदा तैयार करने का आदेश दिया था। हालांकि हर साल बारिश के चलते वैसे भी जुलाई से लेकर सितंबर तक यहां राफ्टिंग बंद रहती है लेकिन इस बार कोर्ट के आदेश के बाद हुई, जिसकी शुरुआत भी कोर्टे के आदेश के बाद होगी। कोर्ट ने एडवेंटर स्पोर्ट्स नीति को तैयार कर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए कहा था। कोर्ट द्वारा उत्तराखंड में एडवेंचर स्पोर्ट्स पर बैन लगाने की वजह थी हजारों लोगों की मौतें और गंगा में बढ़ता प्रदूषण है। राफ्टिंग कराने वाले ओर्गेनाइजर गंगा किनारे कैंप लगाते हैं जहां पर आए टूरिस्ट धूम्रपान और तेज म्यूजिक बजाते हुए पार्टियां करते हैं। टूरिस्ट का खान-पान भी गंगा किनारे के कैंप में होता है, जिससे जल प्रदूषित होता है। सरकार की नई मसौदी नीति तैयार होने में अभी समय है हालांकि प्रोसेज जारी है।

इस मामले में हाइकोर्ट ने सरकार को सरकार को आदेश दिए थे कि नदी के किनारे उचित शुल्क के बिना लाइसेंस जारी नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा कि स्पोर्ट्स एक्टीविटीज के नाम पर शोर, शराब जैसी अय्याशी करने की स्वीकृति नहीं दी जा सकती। क्योंकि गंगा के किनारे शोर, शराब और नॉनवेज से दूसरी नदियों का पानी भी दूषित हो रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कोर्ट ने सरकार को रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और अन्य वाटर स्पोर्टस के लिए उचित कानून बनाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट यह भी कहा कि जब तक सही तरीके के कानून सरकार नहीं बनाती तब राज्य में रिवर राफ्टिंग जैसी सभी एडवेंचर्स पर रोक रहेगी।  वहीं दूसरी ओर कोर्ट द्वारा राफ्टिंग पर बैन लगाने की वजह हर साल कई लोगों की मौत होना भी है। कोर्ट के मुताबिक राफ्टिंग, पैराग्लाडिंग जैसे स्पोर्ट्स एडवेंचर्स के परमिट सिर्फ उन्हें दिए जाने चाहिए जो खुद भी इस तरह की एक्टिीविटीज करने में एक्सपर्ट्स हों।

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