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हरीश रावत को सीबीआइ ने पूछताछ के लिए बुलाया

हरीश रावत ने राष्ट्रपति शासन के दौरान स्टिंग आॅपरेशन की सीबीआइ जांच की सिफारिश के फैसले को एकतरफा बताते हुए कहा कि सीबीआइ जांच की सिफारिश जिस नीयत से की गई, उसमें बदले की भावना की बू आती है।
Author देहरादून | May 23, 2016 03:16 am
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (PTI File Photo)

विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग आॅपरेशन की जांच के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को सीबीआई ने मंगलवार (24 मई) को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। रावत को इस बाबत सीबीआइ ने समन भी जारी कर दिया है। वहीं हरीश रावत ने कहा कि वे सीबीआइ के समक्ष उपस्थित होंगे और जांच एजंसी को पूरा सहयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री रावत ने पत्रकारों को बताया कि वह 24 मई को सीबीआइ के समक्ष हाजिर होंगे। रावत ने कहा कि उन्होंने कभी सीबीआई को इस मामले में सहयोग करने से मना नहीं किया है। कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए सीबीआई का हौवा खड़ा कर राज्य का राजनीतिक माहौल खराब करना चाहते हैं और उनकी छवि बिगाड़ना चाहते हैं। लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे।

रावत ने राष्ट्रपति शासन के दौरान स्टिंग आॅपरेशन की सीबीआइ जांच की सिफारिश के फैसले को एकतरफा बताते हुए कहा कि सीबीआइ जांच की सिफारिश जिस नीयत से की गई, उसमें बदले की भावना की बू आती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दस मई को उन्होंने विधानसभा में बहुमत साबित कर राज्य को एक बड़े राजनीतिक संकट से बचाया उसी तरह वह सीबीआइ जांच में भी पाक साफ निकलेंगे।

रावत को पहले सीबीआइ ने नौ मई को पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन 10 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विधानसभा के विशेष सत्र बुलाए जाने का हवाला देते हुए रावत ने सीबीआइ से कोई अन्य तारीख देने की बात कही थी। इसके बाद रावत ने मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक वरिष्ठ मंत्री इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में बुलवाकर सीबीआइ जांच की सिफारिश को खारिज करवा दिया था। और मंत्रिमंडल से स्टिंग आॅपरेशन की जांच उत्तराखंड पुलिस के विशेष जांच दल से कराने का फैसला करवा दिया। लेकिन केंद्र सरकार और सीबीआइ ने रावत सरकार के इस फैसले को खारिज कर दिया।

सीबीआइ ने रावत को इस मामले में पूछताछ के लिए फिर एक नोटिस जारी कर दिया। जांच एजंसी के इस फैसले के खिलाफ रावत नैनीताल हाई कोर्ट गए। लेकिन नैनीताल हाई कोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश सर्वेश कुमार गुप्ता ने उनकी याचिका खारिज कर दी और रावत को सीबीआइ को सहयोग करने के निर्देश दिए। नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआइ ने रावत को फिर नोटिस भेज दिया। सीबीआइ के कड़े रुख से रावत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सूबे में फिर एक बार राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

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  1. A
    AKKI
    May 24, 2016 at 9:14 am
    bure kam ka bura neteja
    (0)(0)
    Reply