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उत्तराखंड के चार शहरों में शनिवार और रविवार को होगा पूर्ण लॉकडाउन, इन कामों की मिली छूट, पढ़ें- पूरी गाइडलाइंस

उत्तराखंड में फिलहाल कोरोना के 4 हजार से ज्यादा केस हैं, देहरादून, उधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र देहरादून | Updated: July 18, 2020 9:11 AM
उत्तराखंड के चार जिलों में वीकेंड्स पर लगेगा लॉकडाउन। (फोटो- PTI)

भारत में कोरोनावायरस के मामले बढ़ने के साथ ही अब कई राज्य फिर से लॉकडाउन के तरीके पर वापस लौट रहे हैं। जहां कुछ राज्यों ने संक्रमितों की संख्या पर नियंत्रण लगाने के लिए 7 से 14 दिन के पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। वहीं कुछ राज्य अभी वीकेंड्स यानी हफ्ते के अंत में लॉकडाउन का ऐलान कर रहे हैं। अब उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने भी लॉकडाउन से जुड़ा ऐसा ही फैसला किया है। मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर कहा है कि राज्य के चार जिलों में अब हर शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लगाया जाएगा। हालांकि, इसके साथ कुछ छूटों का भी ऐलान हुआ है।

जिन चार शहरों में फिलहाल वीकेंड लॉकडाउन का आदेश है, उनमें राजधानी देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल शामिल हैं। इन जगहों पर शनिवार-रविवार को आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। इसके अलावा यहां औद्योगिक इकाइयों में अलग-अलग शिफ्ट में काम भी जारी रखा जा सकता है। साथ ही इन जिलों में निर्माण कार्य जारी रहेगा और शराब की दुकानों से लेकर होटल भी खुलेंगे। आम लोगों को अपने घर से निकलने की इजाजत तो नहीं होगी, लेकिन राष्ट्रीय और राज्य हाईवे पर गुड्स कैरियर और कार्गो ट्रकों की आवाजाही जारी रहेगी।

ताजा आदेश में अनलॉक-2 के संबंध में भी कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक, अब दूसरे राज्यों से उत्तराखंड जाने वाले लोगों को खुद को अनिवार्य तौर पर स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल के जरिए यात्रा से पहले खुद को रजिस्टर कराना होगा। बताया गया है कि अभी एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर कोई रोक नहीं है, पर लोगों को उत्तराखंड आने के लिए रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट अपने साथ रखने होंगे, जिन्हें बॉर्डर चेक पोस्ट पर जांचा जाएगा।

इसके अलावा उत्तराखंड जाने वाले लोगों को अब अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट भी साथ लेकर चलना होगा। उन्हें यात्रा से पहले इसे उत्तराखंड सरकार की स्मार्ट सिटी वेबसाइट पर अपलोड भी करना होगा। इसके अलावा राज्य में कोरोना टेस्ट कराए बिना आने वाले लोगों की संख्या भी 1500 तक सीमित कर दी गई है। हालांकि, इसमें फ्लाइट और ट्रेन से आने वाले लोगों को शामिल नहीं किया गया है। निर्देश के मुताबिक, डीएम लोगों की समस्या को देखते हुए आवाजाही के लिए 50 परमिट तक जारी कर सकते हैं। हालांकि, राज्य के बॉर्डर पोस्ट पर ऐसे लोगों की जांच की जाएगी।

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