उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद किए गए ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को लेकर पार्टी ने पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुताबिक, पार्टी सात सितंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालेगी। प्रदर्शन की शुरुआत परेड ग्राउंड से होगी।

कांग्रेस का कहना है कि यह मार्च अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा के बाद जिस तरह ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह संविधान की नजर में अपराध है।

उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और इस मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र भी लिख चुके हैं। उत्तराखंड कांग्रेस ने कहा है कि ‘शुद्धिकरण’ करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

राहुल के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस हो

इसके अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर को वापस लेने की भी मांग कांग्रेस ने की है। कांग्रेस ने कहा है कि सामाजिक न्याय के मुद्दे पर राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर हमला बोला था और इस मामले में जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। इसके बाद, उत्तराखंड पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर दी थी।

कहां से शुरू हुआ विवाद?

इस विवाद की शुरुआत 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की सभा के बाद हुई थी। सभा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के बाद मंच और परिसर का ‘शुद्धिकरण’ किया गया।

यह भी पढ़ें- ‘खड़गे जी की जाति क्या है उत्तराखंड़ में कोई नहीं जानता…’

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता भाजपा पर लगातार राजनीतिक हमले कर रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।