ताज़ा खबर
 

उत्तराखंडः सीएम आवास को बना रहे कोविड अस्पताल, बोले रावत- भयावह थी दूसरी लहर

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार को महामारी की तीसरी लहर के मद्देनजर तैयारियों में कथित कमी को लेकर फटकार लगाई थी।

उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत। (फाइल फोटो)।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपने आधिकारिक आवास को कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के चलते कोविड मरीजों के उपचार के लिए तैयार करवा रहे हैं।

रावत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीसरी लहर के लिए तैयारियों में कहीं कोई कमी नहीं है। अब यहां ज्यादा कोविड समर्पित अस्पताल हैं। पहले से उपलब्ध अस्पतालों के अलावा डीआरडीओ की मदद से ऋषिकेश और हल्द्वानी दोनों जगहों पर 500-500 बिस्तरों के अस्पताल बनाए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों से एक-दो होटल ऐसी स्थिति में रखने को कहा गया है जिन्हें जरूरत पड़ने पर कोविड देखभाल केंद्रों में बदला जा सके।

रावत ने कहा, ‘‘कोविड की तीसरी लहर से प्रभावी रूप से निपटने के लिए हम कुछ भी करेंगे। मैं मुख्यमंत्री आवास को भी तीसरी लहर के दौरान कोविड मरीजों को रखने के लिए तैयार करवा रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि महामारी की दूसरी लहर इतनी भयावह होगी।

मुख्यमंत्री ने हालांकि, कहा, ‘‘लेकिन हमने चुनौती का सामना किया और पूरे प्रदेश में सुविधाएं बढ़ाईं। मैं सभी 13 जिलों में कोविड देखभाल केंद्रों और अस्पतालों में पीपीई किट पहनकर गया और वहां की सुविधाओं की स्थिति तथा मरीजों की समस्याओं के बारे में जाना।’’

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार को महामारी की तीसरी लहर के मद्देनजर तैयारियों में कथित कमी को लेकर फटकार लगाई थी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान तथा न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा था, ‘‘क्या राज्य सरकार अपनी नींद से तभी जागेगी जब हमारे बच्चे तीसरी लहर में मरना शुरू करेंगे।’’

वहीं, कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बच्चों के उपचार के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए संस्थान के नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देने के साथ ही कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए 100 बिस्तर का अतिरिक्त कोविड वार्ड बनाने की योजना पर भी कार्य शुरू कर दिया गया है।

एम्स ऋषिकेश के निदेशक रविकांत ने कहा, ‘‘चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना महामारी की तीसरी लहर के दौरान अन्य लोगों की अपेक्षा बच्चों में संक्रमण के ज्यादा खतरे की आशंका के मद्देनजर हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।’’

Next Stories
1 यूपी पुलिस को झटकाः कर्नाटक HC से ट्विटर इंडिया के MD को राहत, कहा- न की जाए दंडात्मक कार्रवाई
2 जब नविका कुमार के सवाल पर बोले थे सुब्रमण्यम स्वामी, सब भूलकर हिंदू बनकर करें वोट
3 ये परिभाषा लगी तो बड़े-बड़े नेता आतंकवाद के दायरे में आ जाएँगे- संविधान विशेषज्ञ फ़ैज़ान मुस्तफ़ा का UAPA पर विश्लेषण
ये पढ़ा क्या?
X