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कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए कैदियों के लिए ‘एक्स्ट्रा चाय’, उत्तराखंड की सेंट्रल जेल ने बदल दिया मैनुअल

जेल अधीक्षक मौर्य ने कहा, “सर्दियों खत्म होने तक अतिरिक्त चाय उपलब्ध कराई जाएगी। जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा हम कैदियों के लिए अतिरिक्त चाय बंद कर देंगे।"

देहरादूनचाय, प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय जोरदार ठंड पड़ रही है। इसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज केंद्रीय जेल के अफसरों ने तय किया है कि बंदियों को भीषण ठंड से बचाने के लिए  शाम को चाय दी जाए। जेल मैनुअल के मुताबिक चाय सिर्फ सुबह ही मिलती है। ठंड से परेशान बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने एक अतिरिक्त चाय देने का निर्णय लिया है। यह चाय शाम को दी जाएगी।

जेल में बैरक के सामने अलाव की भी व्यवस्था : सितारगंज केंद्रीय जेल के जेल अधीक्षक दधीराम मौर्य ने बताया कि “हम इन दिनों उन्हें ठंड से बचाने के लिए शाम को एक अतिरिक्त चाय प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, हम जेल में बैरक के सामने अलाव भी जला रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इस जेल में पहले 552 कैदी थे। हाल ही में हरद्वार जेल से 88 कैदी लाकर यहां शिफ्ट किए गए हैं। हरद्वार जेल में जगह कम होने की वजह से उन्हें पिछले सप्ताह यहां लाया गया है।

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100 कैदी 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं : अधिकारी ने कहा, “जेल प्रशासन पिछले एक सप्ताह से शाम तक कैदियों को अतिरिक्त चाय उपलब्ध करा रहा है। जेल मैनुअल के अनुसार सुबह कैदियों को केवल एक चाय प्रदान की जाती है। जेल मैनुअल के अनुसार सुबह एक चाय, 11 बजे नाश्ता और लंच और शाम का खाना परोसा जाता है। अधिकारी ने बताया कि जेल में 100 कैदी ऐसे हैं जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है। 25 कैदी विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं।

बुजुर्ग कैदियों की बीमारी से जेल प्रशासन चिंतित : जेल अधीक्षक मौर्य ने कहा, “सर्दियों खत्म होने तक अतिरिक्त चाय उपलब्ध कराई जाएगी। जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा हम कैदियों के लिए अतिरिक्त चाय बंद कर देंगे।” बताया कि उन्हें ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त कंबल भी मुहैया कराए गए हैं। उनके मुताबिक जेल प्रशासन बुजुर्ग कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। जेल में एक डॉक्टर का पद खाली पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय जेल से 60 किमी दूर हल्द्वानी में सितारगंज अस्पताल या सुशीला तिवारी अस्पताल में बीमार कैदियों को ले जाया जाता है।”

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