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उत्तराखंड: वर्चस्व की जंग अब सड़क पर आई

भाजपा विधायक स्वामी यतिस्वरानंद ने कैबिनेट मंत्री कौशिक की संपत्तियों की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की। कहा कि यदि सीबीआइ जांच में कौशिक आय से अधिक संपत्ति के मालिक नहीं हुए तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

Author Updated: February 26, 2020 2:27 AM
भाजपा विधायक स्वामी यतिस्वरानंद ने कैबिनेट मंत्री कौशिक की संपत्तियों की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की।

सुनील दत्त पांडेय

देहरादून। हरिद्वार के गुरुकुल महाविद्यालय में दो पक्षों में चल रही वर्चस्व की जंग अब सड़क पर आ गई है। उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और भाजपा हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विधायक स्वामी यतिस्वरानंद महाराज के नेतृत्व में वर्चस्व की जंग लड़ रहे दो गुटों का आंदोलन अब आर्य समाज -भारतीय किसान यूनियन बनाम मदन कौशिक खेमे का आंदोलन बन गया है।

देशभर से हजारों की तादाद में आए आर्य समाज के संतों और किसानों ने गुरुकुल महाविद्यालय से नगर मजिस्ट्रेट के दफ्तर तक हुंकार रैली निकाली। रैली में शामिल हजारों आर्य सामाजिक के संतों ने कैबिनेट मंत्री पर भू माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की।

भाजपा विधायक स्वामी यतिस्वरानंद ने कैबिनेट मंत्री कौशिक की संपत्तियों की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की। कहा कि यदि सीबीआइ जांच में कौशिक आय से अधिक संपत्ति के मालिक नहीं हुए तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के मदन गुट ने विधायक स्वामी यतिस्वरानंद के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा विधायक स्वामी की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और भाजपा विधायक स्वामी के समर्थकों ने एक दूसरे के खिलाफ रैली निकाली। कौशिक समर्थकों ने आरोप लगाया कि भू माफिया से मिलकर स्वामी यतिस्वरानंद गुरुकुल महाविद्यालय की संपत्ति को खुर्र्द करना चाहते हैं। भाजपा के विधायक स्वामी के समर्थकों ने नारा दिया- मदन भगाओ, गुरुकुल बचाओ। वहीं कौशिक के समर्थकों ने रैली निकालकर नारा दिया- स्वामी यतिस्वरानंद भगाओ गुरुकुल महाविद्यालय बचाओ।

स्वामी यतिस्वरानंद गुट के गुरुकुल महाविद्यालय के मुख्य अधिष्ठाता बलवंत सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कौशिक के दबाव में आर्य समाज की संस्था गुरुकुल महाविद्यालय की अतरंग सभा के मंत्री पद से विधायक स्वामी यतिस्वरानंद को हटाकर कौशिक को सभा का पदाधिकारी बना दिया गया जबकि वे आर्य समाजी नहीं हैं। 14 दिसंबर 2016 को 27 पदाधिकारियों और सदस्यों की कमेटी स्वामी गुट ने गठित की थी, जबकि कौशिक के दबाव में अतरंग सभा में अनिल गोयल को उप मंत्री बना दिया गया जबकि वह महाविद्यालय का किरायेदार हैं और महाविद्यालय की भूमि पर स्थित एक भवन में तकनीकी कॉलेज चलाता है। वही कौशिक गुट के समर्थकों की गुरुकुल महाविद्यालय की अंतरंग सभा के उप मंत्री अनिल गोयल ने कहा कि स्वामी यतिस्वरानंद को सभा के मंत्री पद से निष्कासित कर दिया गया है। उसके बावजूद विधायक जबरन महाविद्यालय में कब्जा करके बैठे हुए हैं।

गुरुकुल महाविद्यालय गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से सटा हुआ है और करीब 300 बीघा से ज्यादा जमीन दिल्ली हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग में महाविद्यालय की है जिसकी कीमत अरबों रुपए की है जिस पर भू माफियाओं की नजर है। इस भूमि के कुछ भाग में भवन बने हुए हैं और ज्यादातर जमीन पर खेती होती है।

ढाई सौ साल पहले आर्य समाज के जाने-माने संत स्वामी दर्शनानंद महाराज ने आर्य समाज के विचारधारा के प्रचार प्रसार के लिए गुरुकुल महाविद्यालय की स्थापना हरिद्वार के उपनगर ज्वालापुर में जमालपुर गांव के पास की थी। महाविद्यालय हरिद्वार के दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा में आ जाने से संपत्ति के मामले में बहुत महत्त्वपूर्ण हो गया है जबकि यहां शिक्षा के नाम पर केवल खानापूरी हो रही है और आर्य समाज के दो अलग-अलग गुट रुपए की संपत्ति हथियाने के लिए एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

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