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तलाक दिया, पिता से रेप करवाया, फिर निकाह कर छोड़ा और भाई से हलाला के लिए बोला

पीड़िता को पहली बार 15 दिसंबर, 2011 को तलाक दिया गया। बाद में पीड़िता के परिवार ने उसके पति से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। पति ने पीड़िता को दोबारा अपनाने की शर्त रखी कि उसे पिता संग हलाला प्रक्रिया से गुजरने पड़ेगा, तभी वह उससे निकाह करेगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला को पति द्वारा तीन तलाक देने के बाद ससुर संग हलाला करने को मजबूर होना पड़ा। मामला मंगलवार (5 फरवरी, 2019) को रखरखाव मामले की एक सुनवाई के दौरान तब सामने आया जब उसने अपने पति के खिलाफ 2017 में उसे दोबारा तलाक दिए जाने के खिलाफ मुकदमा दायर किया। महिला ने आरोप लगाया कि पति उसे भाई के साथ हलाला करने के लिए मजबूर कर रहा था। मामले में पीड़िता की बहन ने जज अजय सिंह के समक्ष दाखिल याचिका में कहा कि उसकी बहन की शादी किला निवासी शख्स से पांच जुलाई, 2009 को हुई। याचिका में आगे कहा गया, ‘शादी के बाद दो साल अच्छे गुजरे। मगर बहन की कोई संतान ना होने पर उसके पति और ससुर ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसे बांझ कहना शुरू कर दिया। उसे कई दिनों तक बिना भोजना के रखा गया। छोटी-छोटी बातों पर बहन को पीटना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया। कई मौकों पर बहन को उसके पति द्वारा यौन उत्पीड़न तक सहना पड़ा।’

केस से जुड़ी जानकारी के मुताबिक पीड़िता को पहली बार 15 दिसंबर, 2011 को तलाक दिया गया। बाद में पीड़िता के परिवार ने उसके पति से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। पति ने पीड़िता को दोबारा अपनाने की शर्त रखी कि उसे पिता संग हलाला प्रक्रिया से गुजरने पड़ेगा, तभी वह उससे निकाह करेगा। पीड़िता की बहन ने बताया, ‘बहन ने जब हलाला प्रक्रिया से गुजरने से मना कर दिया तो ससुराल वालों ने उसे जबरन सीडेटिव (संतान पैदा करने वाला) इजेक्शन लगा दिया और ससुर ने हलाला किया। अगले दस दिनों तक उस बुजुर्ग शख्स ने बहन के साथ बलात्कार किया और बाद में उसे तीन तलाक दे दिया ताकि वह दोबारा अपने पति से निकाह कर सके।’ जनवरी, 2017 में बहन को फिर तलाक दिया गया। इस बार ससुराल वालों ने उसके पति के छोटे भाई संग हलाला कराने पर जोर दिया।’

महिला ने बताया कि ऐसा तब हुआ जब परिवार रखरखाव के लिए फैमिली कोर्ट चला गया। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तारीख तय की है। जानकारी के मुताबिक मामले में 498A, 377, 376, 323, 328, 511 और आईपीसी की धारा 120B के तहत पीड़िता के पति और ससुराल वालों के खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

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