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कार्यक्रम में अचानक हुआ पिता से सामना, भावुक हुए सीएम आदित्य नाथ योगी

योगी के पिता उत्‍तराखंड में फॉरेस्‍ट रेंजर थे, 1991 में रिटायरमेंट के बाद अपने गांव रहते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

उत्‍तर प्रदेश-उत्‍तराखंड बॉर्डर पर स्थित नजीबाबाद में एक आधिकारिक दौरे पर गए मुख्‍यमंत्री आदित्‍य नाथ योगी को एक सुखद आश्‍चर्य हुआ। वहां उन्‍हें उनके पिता आनंद सिंह बिष्‍ट और अध्‍यापक आरएस नेगी मिले। नेगी कोटद्वार से आए थे जो कि नजीबाबाद से करीब 20 किलोमीटर दूर है। योगी के पिता अपने बेटे से मिलने के लिए पंचूर गांव से करीब 80 किलोमीटर चलकर आए। दोनों मिले तो माहौल भावुक हो गया। योगी ने पिता और गुरु को शॉल भेंट की। योगी के पिता उत्‍तराखंड में फॉरेस्‍ट रेंजर थे, 1991 में रिटायरमेंट के बाद अपने गांव रहते हैं। दूसरी तरफ, नेगी ने योगी को तब पढ़ाया जब वह 1989-92 के बीच कोटद्वार के पीडी बर्थवाल कॉलेज में बीएससी कर रहे थे। मंगलवार (24 अक्‍टूबर) को योगी के कई सहपाठी भी उनसे मिलने आए थे।

योगी का मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्‍ट है। वह बीएससी के बाद एमएससी (मैथ्‍स) करने ऋषिकेश चले आए। मगर पहला साल पूरा करने के बाद योगी गोरखपुर चले गए जहां गोरखनाथ पीठ के महंत अवेद्यनाथ ने उन्‍हें अपना उत्‍तराधिकारी चुन लिया।

योगी के भाई शैलेंद्र मोहन भारतीय सेना में सूबेदार हैं। वह इस समय लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर उत्‍तराखंड के माना क्षेत्र में तैनात हैं। सीएम योगी के तीन भाई हैं। उनके बड़े भाई का नाम मनवेंद्र मोहन है और उनके दो छोटे भाई शैलेंद्र और महेंद्र मोहन हैं।

इंडिया टुडे के अनुसार, सूबेदार से जब उनके भाई सीएम योगी को संदेश देने को कहा गया तब उन्होंने कहा, ‘योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपना काम ईमानदारी और लगन के साथ करें और वह जनता के लिए जितना अच्छा कर सकते हैं उतना करने की कोशिश करें।’ बता दें कि यूपी के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से योगी आदित्यनाथ और शैलेंद्र की मुलाकात केवल एक बार ही हुई है।

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