ताज़ा खबर
 

जब सपा के दफ्तर में आमने-सामने आ गए शिवपाल और रामगोपाल, जानिए फिर क्‍या हुआ

बुधवार (29 अगस्त) को शिवपाल यादव ने कहा था कि वह पार्टी में सम्मान का अभाव महसूस कर रहे हैं। उन्होंने नया मोर्चा बनाने की भी घोषणा की थी। शिवपाल ने कहा था,'' मैंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है। जिन्हें भी पार्टी में सम्मान न मिल रहा हो वह हमारे साथ आ सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के 72वें जन्‍मदिन पर साथ में केक काटते शिवपाल सिंह यादव। फाइल फोटो- ANI

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाराज चल रहे चाचा शिवपाल यादव का आमना-सामना लखनऊ के पार्टी कार्यालय में अचानक अपने कजिन रामगोपाल यादव से हो गया। ये मुलाकात शिवपाल यादव के द्वारा समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुई थी। इस मोर्चे की घोषणा को अलगाव के दौर के फिर से उभरने के तौर पर देखा जा रहा है। अचानक हुई इस मुलाकात के बाद शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव के पैर छू लिए। इस क्षण के गवाह बनने वाले कैमरों के लिए ये क्षण काफी आकर्षक था। यादव परिवार के ये दोनों ही दिग्गज साल 2016 में हुए झगड़े में दो विपरीत छोर पर खड़े हो गए थे और तभी से दोनों शांत हैं।

शिवपाल यादव, सपा के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं। वह अक्सर अपने भतीजे अखिलेश यादव और भाई रामगोपाल यादव के खिलाफ निशाना साधते रहे हैं। बुधवार (29 अगस्त) को नाराज चल रहे शिवपाल यादव ने कहा था कि वह पार्टी में सम्मान का अभाव महसूस कर रहे हैं। उन्होंने नया मोर्चा बनाने की भी घोषणा की थी। शिवपाल ने कहा था,” मैंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है। जिन्हें भी पार्टी में सम्मान न मिल रहा हो वह हमारे साथ आ सकते हैं। हम छोटी पार्टियों को भी साथ लाने की कोशिश करेंगे।” चर्चाएं तो यह भी चल रही थीं कि शिवपाल यादव भाजपा नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं और उनके संपर्क में हैं। इसी सारी गहमागहमी के बीच शिवपाल यादव की अपने बड़े भाई रामगोपाल यादव के साथ संक्षिप्त मुलाकात हुई थी।

रामगोपाल यादव ने पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के खिलाफ जाते हुए भतीजे अखिलेश यादव का साथ दिया था। जब अखिलेश यादव ने पार्टी पर नियंत्रण कर लिया इसके बाद जनवरी 2017 में अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया। जून 2018 में, रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव इटावा में जन्मदिन समारोह में भी साथ दिखाई दिए थे। इस मुलाकात को दोनों के बीच समझौते की शुरूआत के तौर पर देखा गया था। दोनों इस मुलाकात के दौरान गले मिले थे और पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की बधाइयों को भी स्वीकार किया था। रामगोपाल यादव ने भी अपने भाई के साथ जन्मदिन का केक काटा था। शिवपाल यादव ने हालांकि उस वक्त कहा था कि पार्टी या परिवार में कोई भी विवाद या उतार-चढ़ाव नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App