ताज़ा खबर
 

मुन्ना बजरंगी की हत्या पर क्यों खुश हुईं बीजेपी विधायक, बोलीं- भगवान ने इंसाफ किया

"मैं भगवान से रोज मनाती थी कि भगवान इसका न्याय मिले...भगवान की मर्जी से, प्रभु की कृपा से ये घटना हुई तो हमको काफी खुशी मिला...जो महिलाएं जो परिवार ऐसे अपराधियों से पीड़ित थीं, विधवा हुईं, बच्चे अनाथ हुए...किसी-किसी का तो आह लगबे करेगा"

गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी (Express file Photo)

पूर्वांचल के कुख्यात माफिया सरगना प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सियासत से लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन उत्तर प्रदेश में ही एक महिला ने इस माफिया की हत्या के बाद कहा कि आज भगवान ने इंसाफ किया है। ये बयान देने वाली हैं अलका राय। अलका राय उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से बीजेपी की विधायक हैं और वह दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी हैं। मुन्ना बजरंगी उत्तर प्रदेश के चर्चित कृष्णानंद राय हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त था। आरोप है कि यूपी के दूसरे माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के कहने पर मुन्ना बजरंगी ने कृष्णानंद राय की हत्या की थी। 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर में कृष्णानंद राय और उनके 6 साथियों को गोली मारी थी। इस हमले में सभी लोगों की मौत हुई थी।

कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने कहा कि उन्होंने टीवी पर इस खबर को देखा तो उन्हें खुशी हुई। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी हुआ…मैं भगवान से रोज मनाती थी कि भगवान इसका न्याय मिले…भगवान की मर्जी से, प्रभु की कृपा से ये घटना हुई तो हमको काफी खुशी मिला…जो महिलाएं जो परिवार ऐसे अपराधियों से पीड़ित थीं, विधवा हुईं, बच्चे अनाथ हुए…किसी-किसी का तो आह लगबे करेगा…लगता है कि भगवान के द्वारा ही न्याय मिलेगा…”

दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय।

बता दें कि आज (9 जुलाई) की सुबह को बागपत के जेल में गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुन्ना बजरंगी के वकील के मुताबिक उसे सिर में 10 गोलियां मारी गई। पुलिस उपमहानिदेशक (कारागार) चंद्र प्रकाश ने बताया कि माफिया डॉन बजरंगी (51) को विधायक लोकेश दीक्षित से पिछले साल रंगदारी मांगे जाने के मामले में आज स्थानीय अदालत में पेशी के लिये कल झांसी कारागार से बागपत जेल लाया गया था। उन्होंने बताया कि बजरंगी को तन्हाई बैरक में 10 अन्य कैदियों के साथ रखा गया था। उनमें कुख्यात बदमाश सुनील राठी भी शामिल था। राठी ने सुबह किसी बात को लेकर हुई बहस के बाद बजरंगी पर कई गोलियां चलायीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। प्रकाश ने बताया कि हत्या के बाद राठी ने हथियार को सीवर में फेंक दिया। जेल में हथियार कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। बजरंगी पर हत्या, लूट, अपहरण समेत अनेक जघन्य अपराधों के करीब 40 मुकदमे दर्ज थे।

गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविन्द कुमार ने लखनऊ में बताया कि बजरंगी की जेल में हत्या के मामले में जेलर उदय प्रताप सिंह डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, हेड वार्डन अरजिन्दर सिंह और वार्डन माधव कुमार को निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्वनिर्धारित निर्देशों के अनुसार मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App