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सीएम आदित्यनाथ पर भड़के वाराणसी के ग्राम प्रधान, लगाया ‘एकतरफा संवाद’ का आरोप

कार्यक्रम के खत्म होने के बाद योगी प्रधानों से बिना बातचीत किए चले गए तो कई ने अपनी नाराजगी जाहिर की। सराय मोहना गांव के प्रधान वीरेन सिन्हा ने कहा, 'यहां ऐसा संवाद होने की उम्मीद थी, जिसमें सीएम हमारी समस्याओं को सुनते। लेकिन यह तो एक तरफा भाषण हो गया।

Author June 11, 2018 11:20 am
सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन ग्राम प्रधानों को चेक दिया, जिन्होंने अपने पंचायतों को शौच मुक्त घोषित किया था। (Express Photo by Anand Singh)

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वाराणसी में करीब 800 ग्राम प्रधानों से मुलाकात की। सीएम ने उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। सीएम और ग्राम प्रधानों की इस मुलकात को ‘संवाद’ नाम दिया गया था। हालांकि, कई ग्राम प्रधानों की शिकायत थी कि सीएम ने उनसे कोई बातचीत नहीं की और उनकी समस्याएं सुने बिना ही कार्यक्रम से चले गए। सीएम ने इस कार्यक्रम में कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जहां गांववालों को सरकार के पास जाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाए सरकार उनके पास आएगी। ग्राम स्वराज अभियान के तहत हम गांववालों तक पहुंचे और बहुत सारा विकास कार्य हुआ।’ सीएम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता लोगों के बीच फैली जागरूकता पर निर्भर करती है।

आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों को सभाओं का आयोजन करके लोगों के मामले सुलझाने के लिए कहा ताकि अपराध और टकराव को कम किया जा सके। साथ ही न केवल साफ-सफाई को बढ़ावा दिया सके, बल्कि गांव के स्तर पर ‘तुच्छ’ स्तर की राजनीति को खत्म की जा सके। कार्यक्रम में सीएम ने उन ग्राम प्रधानों को चेक भी सौंपे, जिन्होंने अपने गांव में खुले में शौच रोकना सुनिश्चित किया। हालांकि, कार्यक्रम के खत्म होने के बाद योगी प्रधानों से बिना बातचीत किए चले गए तो कई ने अपनी नाराजगी जाहिर की। सराय मोहना गांव के प्रधान वीरेन सिन्हा ने कहा, ‘यहां ऐसा संवाद होने की उम्मीद थी, जिसमें सीएम हमारी समस्याओं को सुनते। लेकिन यह तो एक तरफा भाषण हो गया। उन्होंने संबोधन किया, संवाद नहीं। उन्होंने हमारी बात सुनना भी जरूरी नहीं समझा।’

महगांव के प्रधान राम नारायण पटेल ने कहा, ‘हमने विभिन्न विकास कार्यों के लिए फंड का आवेदन किया था, लेकिन बीते 3 महीने से रकम जारी नहीं की गई है। पूरे वाराणसी में कार्य रुके पड़े हुए हैं। वे 2019 आम चुनाव के लिए हमारे पास लगातार आ रहे हैं, लेकिन उन्हें कौन वोट देगा जब कोई काम नहीं होगा? गर्मी अपने चरम पर है लेकिन मैं एक हैंडपंप ठीक कराने की स्थिति में नहीं हूं।’ एक अन्य ग्राम प्रमुख इंद्रावती पटेल ने कहा कि वह ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के जरिए एक भी काम करवाने में नाकाम रही हैं। पटेल ने कहा कि उन्हें जिला दफ्तर भेज दिया जाता है, जहां उन्हें पैसा जारी करवाने और काम की इजाजत लेने के लिए अधिकारियों को घूस देनी पड़ती है।

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