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पहले ही दिन लोगों के लिए परेशानी का सबब बना भाजपा सरकार का एंटी रोमियो दस्ता, राह चलते किसी को भी उठा ले गया थाने

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एंटी रोमियो दस्ते के तहत बुधवार से अभियान चला दिए।

एक मनचले से पूछताछ करता पुलिस अधिकारी। (Photo Source: PTI)

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बुधवार को एंटी रोमियो दस्ते गठित किए, लेकिन पहले दिन ही ये दस्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने गए। पुलिस वालों द्वारा एंटी रोमियो दस्ते के नाम पर किसी को भी परेशान करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को एंटी रोमियो दस्ता गठित करके महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। इसके कुछ घंटे बाद लखनऊ पुलिस ने एक व्यस्त सड़क पर एक जोड़े को रोका और युवक को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिसकर्मियों ने महिला को वहीं से जाने दिया, लेकिन युवक को हजरतगंज स्टेशन में हिरासत में रखा गया।

सितापुर के रहने वाले 20 वर्षीय उद्देशी पांडे ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि वह अपनी दोस्त के साथ मूवी देखने के लिए रिक्शे में सवार होकर मॉल जा रहा था, तभी पुलिस वालों ने उसे मोती महल लोन के पास रोक लिया। पांडे ने कहा, ‘पुलिस ने मुझे परेशान नहीं किया, लेकिन यह बेहूदा है कि किसी को भी व्यस्त सड़क पर रोक लिया और बिना किसी वजह से उनसे पूछताछ की जाए।’ साथ ही उसने बताया कि वह मुंबई में अभिनेता है और यहां घर पर होली मनाने आया है।

पांडे ने बताया, ‘मेरा जन्मदिन जून में आता है और मैं उस वक्त यहां नहीं रहूंगा। इसलिए मैंने मेरे दोस्तों को अभी पार्टी देने का फैसला किया। मेरी महिला मित्र और मैंने हजरतगंज में मल्टिप्लेक्स जाने के लिए रिक्शा लिया, जहां पर हमारे दो और दोस्त इंतजार कर रहे थे। जब रिक्शा एक क्रॉसिंग पर पहुंचा तो पुलिसवालों ने हमें रोक लिया और मुझसे पूछताछ शुरू कर दी। एक पुरुष एसएचओ ने मेरे बारे में पूछताछ की, जबकि एक महिला पुलिसकर्मी ने मेरी महिला मित्र से पूछताछ शुरू कर दी। मैंने उन्हें बताया कि हम लोग मूवी देखने जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने एक भी नहीं सुनी। मुझसे आधे घंटे पूछताछ के बाद, मुझे पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस स्टेशन में अन्य पुलिसकर्मियों ने मेरे परिवार के बारे में पूछना शुरू कर दिया। एक घंटे से ज्यादा समय के बाद उन्होंने मुझे किसी को कॉल करने के लिए कहा कि जो कि मुझे यहां से ले जाए। इसके बाद मेरा एक दोस्त वहां पहुंचा और मुझे जाने की मंजूरी दी गई।’

हजरतगंज और महिला स्टेशन ने इसकी पुष्टि की कि जोड़े से पूछताछ की गई थी। उनका कहना है कि उनसे शक के आधार पर पूछताछ की गई थी, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। लेकिन सीनियर अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि पुलिस की कार्रवाई गलत थी, अगर शिकायत की जाती है तो एक्शन लिया जाएगा। लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा, ‘यह गलत है क्योंकि स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी तरह की मोरल पोलिसिंग नहीं करनी है। इस दस्ते का मकसद छेड़छाड़ करने वालों पर काबू पाना है।’ डीजीपी जावेद अहमद ने कहा, ‘अगर शिकायत होती है तो कार्रवाई की जाएगी।’

डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे कि पार्क, मुख्य चौक, मार्केट, मॉल्स और अन्य सार्वजनिक जगहों को महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाया जाए। निर्देश में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थलों पर जोड़ों को तंग नहीं किया जाना चाहिए और एंटी रोमियो दस्ते के तहत केवल महिलाओं को तंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए थे कि लोगों को सार्वजनिक तौर पर कोई सजा ना दी जाए। लेकिन बुधवार को ऐसी कई घटनाएं देखने को मिला, जहां पुलिस ने सरेआम सार्वजनिक जगहों पर ऐसे लोगों को सजा देनी शुरू कर दी।

यूपी के झांसी से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिसवाले ने एक शख्स से उठक-बैठक लगवा रहे हैं। इसके साथ ही उसे लड़की के साथ ना बैठने की चेतावनी भी दी गई थी। गाजियाबाद में पुलिस ने बुधवार को 32 युवाओं को पकड़ा। इनमें से ज्यादातार को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जबकि 6 के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 151 के तहत चालान किया गया। इसके साथ ही कई जगहों पर ऐसे मनचलों के माता-पिता को भी बुलाया गया।

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