कांवड़ यात्रा: यूपी पुलिस के एक्शन से मचा हड़कंप, गांव छोड़ भागे 70 मुस्लिम परिवार - Uttar Pradesh police action in view of ongoing Kanwar yatra leaves Muslim families in fear 70 leaves village in Bareilly - Jansatta
ताज़ा खबर
 

कांवड़ यात्रा: यूपी पुलिस के एक्शन से मचा हड़कंप, गांव छोड़ भागे 70 मुस्लिम परिवार

5000 की आबादी वाले इस गांव की 70 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। मुस्लिम सड़क के दोनों किनारे पर रहते हैं, यहीं से कांवरिया लगभग 8 किलोमीटर रास्ता तय करते हैं और गुलेरिया गांव के एक मंदिर में पहुंचते हैं। मंगलवार को इस गांव में सन्नाटा पसरा था। दुकानें बंद थी, घरों पर ताले लटके हुए थे। सड़क पर इक्का दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे।

Author August 9, 2018 11:11 AM
खेलम गांव के हसमत खान के घर पुलिस ने कंट्रोल रुम बनाया गया है। (Photo: Prem Nath Pandey)

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के खेलम गांव में इन दिनों खौफ जैसा माहौल है। गांव में रहने वाले लोगों को पुलिस द्वारा ‘लाल कार्ड’ जारी किया जा रहा है। इस ‘लाल कार्ड’ का अर्थ यूपी पुलिस के लिए यह है कि जिस शख्स को यह कार्ड जारी किया गया है वो कांवड़ यात्रा के दौरान इलाके में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है, इसलिए उसे हिदायत दी जाती है कि वो ऐसा ना करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछले एक सप्ताह में 250 मुस्लिम-हिन्दू लोगों को ये कार्ड दिया गया है। इस लाल कार्ड को जारी करने के अलावा पुलिस ने 441 ऐसे स्थानीय लोगों की पहचान की है जो पुलिस की नजर में समस्या पैदा कर सकते हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों से ‘सांकेतिक’ 5 लाख रुपये के बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाए हैं।

पुलिस के इस कदम से खेलम गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया है और 70 मुस्लिम परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। बता दें कि पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान इस गांव में संघर्ष हो गया था। दरअसल कांवड़ियों का जत्था मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रहा था था तभी विवाद हुआ था। इस घटना में दोनों समुदायों से दर्जनों लोग घायल हो गये थे, 15 पुलिस वाले भी घायल हुए थे। इस मामले में दो एफआईआर दर्ज किये गये थे, एक में 29 मुसलमानों का नाम था, जबकि दूसरे में 14 हिन्दुओं का।

इस साल भी कांवड़ यात्रा उसी रुट से गुजर रही है। पुलिस द्वारा लगातार चलाये जा रहे सर्च ऑपरेशन से मुस्लिम परिवार घबराये हैं। 5000 की आबादी वाले इस गांव की 70 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। मुस्लिम सड़क के दोनों किनारे पर रहते हैं, यहीं से कांवरिया लगभग 8 किलोमीटर रास्ता तय करते हैं और गुलेरिया गांव के एक मंदिर में पहुंचते हैं। मंगलवार को इस गांव में सन्नाटा पसरा था। दुकानें बंद थी, घरों पर ताले लटके हुए थे। सड़क पर इक्का दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे। मंगलवार को शाहिद हुसैन नाम के एक शख्स ने अपने घर पर एक लाल कार्ड पाया, जिस पर अलीगंज के एसएचओ विशाल प्रताप सिंह के हस्ताक्षर थे। उन्होंने कहा, “पिछली बार जब वो घटना हुई थी मैं यहां था भी नहीं…पिछले 15 दिनों में पुलिस ने कई घरों में सर्च किया है और रेड कार्ड जारी किया है….लोगों में डर बैठ गया है…मैंने अपना घर एक सप्ताह पहले ही छोड़ दिया है और परिवार को दूसरे गांव में छोड़ दिया है, मैं कभी-कभी अपने घर को देखने आ जाता हूं।” सिर्फ हसन ही नहीं स्थानीय लोग कहते हैं कि कम से कम 70 दूसरे मुस्लिम परिवारों ने भी गांव छोड़ दिया है, उन्हें डर है कि इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा हो सकती है।

मंदिर के नजदीक रहने वाले अमर सिंह को भी लाल कार्ड जारी किया गया है। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले मुझे पुलिस से रेड कार्ड मिला था, मुझे इसकी चिंता नहीं है, पुलिस अपना काम कर रही है।” बरेली के एसएसपी मुनिराज जी ने कहा कि लाल कार्ड कानूनी रुप से वैध नहीं है, दोनों समुदायों से ज्यादातर लोग जिन्हें रेड कार्ड जारी किया गया है उन्हें बॉन्ड हस्ताक्षर करने को कहा गया है, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनकी निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि कुछ मुस्लिम परिवार गांव छोड़कर चले गये हैं। उन्होंने दावा किया कि हो सकता है वे अपने काम से गांव छोड़कर गये हैं। बरेली के डीएम ने कहा है कि लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि अगर वो किसी तरह के फसाद में नहीं पड़ते हैं तो उन्हें झूठमूठ नहीं फंसाया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App