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कर्ज के मारे दुकानदार ने दी जान, पत्नी-मां का इलाज नहीं करा सका तो खा लिया जहर, गन्ना के पैसे नहीं मिलने पर किसान ने लगाई फांसी

एसएचओ वीरेंद्र कसाना का कहना है कि "प्रथम दृष्टया पता चला है कि किसान को चार दिन पहले शुगर मिल से एक नोट मिला था, जिसमें बताया गया था कि शुगर मिल की वजन तौलने वाली मशीन खराब है, जिसके चलते गन्ना तौलाई में देरी होगी।

Author लखनऊ | Updated: June 6, 2020 8:25 AM
sugarcane farmerपैसों की कमी के चलते किसान ने की आत्महत्या। (प्रतीकात्मक तस्वीर/एक्सप्रेस फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक गन्ना किसान की आत्महत्या से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। आरोप है कि किसान को शुगर मिल से अपने पैसे मिलने में देरी हुई है। किसान को पैसों की जरूरत थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या की। वहीं प्रशासन किसान की आत्महत्या को जमीन को लेकर पारिवारिक झगड़ा बता रहा है।

खबर के अनुसार, मुजफ्फरनगर के सिसौली इलाके के निवासी किसान ओमपाल सिंह ने अपने खेतों पर पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। एसएचओ वीरेंद्र कसाना का कहना है कि “प्रथम दृष्टया पता चला है कि किसान को चार दिन पहले शुगर मिल से एक नोट मिला था, जिसमें बताया गया था कि शुगर मिल की वजन तौलने वाली मशीन खराब है, जिसके चलते गन्ना तौलाई में देरी होगी। वहीं किसान को पैसों की सख्त जरुरत थी। कथित तौर पर किसान पैसे मिलने में हो रही देरी से तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्महत्या की।”

स्थानीय लोगों के ओमपाल सिंह पेमेंट लेने के लिए कई बार मिल जा चुका था। पुलिस का कहना है कि मिल चल रही थी और पेमेंट में देरी की वजह वजन करने वाली मशी की खराबी थी। डीएम का कहना है कि जांच में पता चला है कि किसान ने पारिवारिक जमीन के झगड़े में जान दी है।

वहीं किसान की आत्महत्या के मुद्दे पर जिले के किसान भड़क गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन ने राजनैतिक रंग लेना शुरू कर दिया, जब रालोद के नेता राजपाल बालियान और यूपी सरकार में मंत्री रहे योगराज सिंह भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। मामला बढ़ता देख केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया।

इसके बाद जिला प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया। उसके बाद किसानों का धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा और सरकार पर गन्ना किसानों का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया।

वहीं लॉकडाउन के चलते आर्थिक तंगी झेल रहे बिहार के भागलपुर में एक दुकानदार ने आत्महत्या कर ली। भागलपुर के मुंदीचक के जीपी वर्मा लेन में रुपेश शाह नाम के एक दुकानदार ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पता चला है कि दुकानदार ई-रिक्शा बेचने का काम करता था और व्यवसाय के लिए उसने काफी कर्ज ले रखा था। लॉकडाउन के कारण दुकान बंद हो गई। ऐसे में आर्थिक तंगी से परेशान रुपेश ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

वहीं भागलपुर के ही महमदाबाद ठाकुरबाड़ी के पास किराए पर रहने वाले विनय साह नामक युवक ने भी आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। विनय आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और पैसों की कमी के चलते अपनी पत्नी और मां का इलाज नहीं करा पा रहा था। इससे तंग आकर उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

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