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सस्ती शराब के लिए पड़ोसी राज्य जाते हैं तो है 5 साल तक जेल और भारी जुर्माना वसूलने की तैयारी

नए कानून में दूसरे राज्यों से शराब की एक से अधिक सील बंद बोतल साथ लाने पर गैर जमानती वारंट और अधिकतम पांच साल की सजा के साथ पांच हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

सांकेतिक तस्वीर।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री के लिए कई नए बदलाव किए हैं। बीते गुरुवार (5 अप्रैल, 2018) को शराब की दुकानों के लिए कारोबार का समय चार घंटे कम किया गया है। सरकार ने इसके साथ ही सस्ती दरों पर पड़ोसी राजधानी दिल्ली से शराब खरीदने वाले शराब कानून में संशोधन कर इसे और कड़ कर दिया है। नए कानून में दूसरे राज्यों से शराब की एक से अधिक सील बंद बोतल साथ लाने पर गैर जमानती वारंट और अधिकतम पांच साल की सजा के साथ पांच हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। प्रावधान के मुताबिक जिन बोलतों की सील खुले होगी उसपर यह कानून लागू नहीं होगा।

इससे पहले राज्य सरकार ने पिछले साल सितंबर में यूपी एक्साइज एक्ट, 1910 में संशोधन किया था, ताकि अन्य राज्यों से शराब का आयात कम किया जा सके। गाजियाबाद जिले के एक्साइज अधिकारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एक व्यक्ति को दूसरे राज्य से सिर्फ एक बोतल शराब उत्तर प्रदेश में लाने की अनुमति दी गई है। वह केवल तब जब वह इसका इस्तेमाल बिक्री के लिए नहीं करेगा। अगर सील बंद एक से अधिक बोतल का आयात किया गया तो माना जाएगा ऐसा शराब की बिक्री के लिए किया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ शराब तस्करी के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।

उन्होंने आगे बताया कि नोएडा और गाजियाबाद में आम बात है कि सस्ती होने की वजह से लोग शराब पड़ोसी दिल्ली से खरीदते हैं। बीते गुरुवार को यूपी सरकार ने घोषणा की कि राज्य में शराब की दुकानों अब सिर्फ दोपहर में खुलेंगी और रात दस बजे बंद हो जाएंगी। वहीं शराब की बिक्री का समय कम करने पर सरकार का मत है कि सुबह के वक्त शराबियों द्वारा नशे में शोर-शराबा करने से पड़ोसियों को शांति मिलेगी। आमतौर पर शराब की बिक्री भी शाम के वक्त अधिक होती है।

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