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6 महीने पहले केशव मौर्य ने सीएम को ‘गुरु’ कहने से किया था इनकार, अब योगी कर रहे तारीफ

अगले साल लोकसभा चुनाव है। ऐसे में योगी और मौर्य के बीच तनावपूर्ण रिश्तों से बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौर्य पिछड़े वर्ग के बीच लोकप्रिय नेता हैं। लिहाजा, पार्टी आगामी चुनावों में ब्राह्मण-क्षत्रिय-पिछड़ा गठजोड़ को भुनाने की कोशिश में है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (11 सितंबर) को शामली में मेरठ-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक खंड के शिलान्यास कार्यक्रम में अपने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्होंने सपा-बसपा सरकार के पाप के गड्ढों को बहुत कम समय में भर दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जब हमारी सरकार आई थी, तब 1.22 लाख किलोमीटर की सड़कें ऐसी थी जिनमें एसपी-बीएसपी की सरकार के पाप के गड्ढे बने थे और उन पाप के गड्ढों के कारण विकास बाधित था पर आज केशव जी के नेतृत्व में 1.30 लाख किलोमीटर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य हो चुका है।”

दरअसल, सीएम द्वारा डिप्टी सीएम की तारीफ की चर्चा इसलिए की जा रही है क्योंकि लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही है कि सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। इसी साल 20 जनवरी को वाराणसी में आयोजित युवा उद्घोष कार्यक्रम में केशव मौर्य को नहीं बुलाया गया था। इसके बाद 23 जनवरी को जब योगी ने मंत्रियों की मीटिंग बुलाई थी तब उसमें केशव मौर्य नहीं पहुंचे थे। इतना ही नहीं यूपी दिवस पर भी केशव मौर्य कार्यक्रम से गायब रहे। तनातनी का आलम यह था कि विक्षापन में मौर्य का नाम भी नहीं छापा गया था जबकि उनसे जूनियर मंत्रियों के नाम छपे थे। जब बात जगजाहिर हो गई तो यूपी दिवस के समापन समारोह के विज्ञापन में मौर्य का नाम छापा गया तब वो कार्यक्रम में पहुंचे थे मगर दोनों के बीच दूरियां साफ झलकती रहीं।

हालांकि, तब केशव प्रसाद मौर्य ने सीएम योगी आदित्यनाथ से किसी तरह के मनमुटाव की बात से इनकार किया था लेकिन एक सवाल के जवाब में कहा था कि योगी को गुरु तो नहीं कहूंगा। उन्होंने यह भी कहा था कि एक सीएम और डिप्टी सीएम के बीच जैसा संबंध होना चाहिए हमारे बीच वैसा ही है। अब छह महीने बाद सीएम द्वारा डिप्टी सीएम की तारीफ में कसीदे पढ़े जाने के फिर से राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि अगले साल लोकसभा चुनाव है। ऐसे में योगी और मौर्य के बीच तनावपूर्ण रिश्तों से बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौर्य पिछड़े वर्ग के बीच लोकप्रिय नेता हैं। लिहाजा, पार्टी आगामी चुनावों में ब्राह्मण-क्षत्रिय-पिछड़ा गठजोड़ को भुनाने की कोशिश में है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह, केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। 154 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। दिल्ली से सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम 2 चरणों में होना है। 124.18 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए 1505.72 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। पहले चरण में बागपत से शामली और दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर के बीच चार सड़क का चौड़ीकरण चार लेन में किया जाना है।

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