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यूपी: सीएम ऑफिस से लीक हुआ पूर्व मुख्‍यमंत्रियों के बंगले बचाने का फार्मूला, 2 अफसर हटाए गए

एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बीच हुई मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई थी कि ये दोनों बंगले दोनों सदनों में नेता विपक्ष को आवंटित कर दिया जाय लेकिन सरकार नियम सम्मत कार्रवाई करेगी।

Author May 18, 2018 19:46 pm
सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सीएम योगी के साथ बुधवार दोपहर में उनके आवास पर बैठक की थी। (फोटोः फेसबुक)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार (17 मई) को राज्य के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिनों के अंदर लखनऊ स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया। सरकार की तरफ से यह नोटिस सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के अगले ही दिन दिया गया है। बुधवार (16 मई) को दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में मुलायम सिंह यादव ने सीएम योगी को सरकारी बंगला बचाने का फार्मूला सुझाया था। बाद में यह फार्मूला सीएम ऑफिस से लीक हो गया। इससे खफा मुख्यमंत्री ने दो अधिकारियों को हटा दिया है। सीएम ऑफिस से हटाए गए अफसरों में मुख्यमंत्री के निजी सचिव पीताम्बरा यादव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के निजी सचिव शिशुपाल शामिल हैं। इन अफसरों पर आरोप है कि इन दोनों ने ही पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले बचाने का फार्मूला सीएम दफ्तर से लीक किया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक राज्य के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों (मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, मायावती, एनडी तिवारी, कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह) को लखनऊ स्थित सरकारी बंगला खाली करना है। इससे बचने के लिए सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने 16 मई को 5 कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले में जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्हें एक पत्र सौंपा था जिसमें बंगला बचाने का फार्मूला था। फार्मूले के मुताबिक 5 विक्रमादित्य मार्ग और 4, विक्रमादित्य मार्ग स्थित बंगले के विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी और विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन को आवंटित कर दिया जाय क्योंकि ये दोनों कैबिनेट दर्जा प्राप्त हैं।

सीएम योगी को जो अनौपचारिक पत्र दिया गया है, उस पर मुलायम सिंह यादव के हस्ताक्षर हैं। एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बीच हुई मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई थी कि ये दोनों बंगले दोनों सदनों में नेता विपक्ष को आवंटित कर दिया जाय लेकिन सरकार नियम सम्मत कार्रवाई करेगी। विधान सभा में नेता विपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हां हमें भी इस बात की जानकारी है कि यह सुझाव दिया गया है कि नेताजी और अखिलेश जी के बंगले को विधान सभा और विधान परिषद में नेता विपक्ष को आवंटित कर दिया जाय। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है बल्कि हमें तो इस बात की खुशी होगी।” हालांकि, स्पेशल सेक्रेटरी और एस्टेट अफसर योगेश कुमार शुक्ला ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक और कानून विभाग के दिशा-निर्देश के बाद सभी 6 पूर्न सीएम को बंगला खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। बता दें कि 5 विक्रमादित्य मार्ग स्थित बंगले में पिछले 27 सालों से मुलायम सिंह यादव रहते आ रहे हैं।

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