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“उत्‍तर प्रदेश के 86 एसडीएम में 56 यादव पर बवाल तो 61 जजों में 52 सवर्ण पर चुप्पी क्यों?”

निषाद ने अपने बयान में कहा, "गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत भड़का कर भाजपा ने इनका वोट बैंक हथिया कर सत्ता को प्राप्त कर लिया।"
Author April 10, 2017 19:47 pm
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग। (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय निषाद संघ के सचिव चौधरी लौटन राम निषाद ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सुनियोजित और कूटरचित तरीके से मीडिया में यह खबर फैलाई है कि लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव अनिल यादव ने 86 एसडीएम में 56 सिर्फ यादवों को चयनित करा दिया। इसके बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं ने रातों-रात यूपी लोक सेवा आयोग को यादव आयोग लिख दिया। निषाद ने अपने बयान में कहा, “गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत भड़का कर भाजपा ने इनका वोट बैंक हथिया कर सत्ता को प्राप्त कर लिया जबकि सच्चाई यह रही कि अनिल यादव के कार्यकाल में कुल 98 एसडीएम चयनित हुए, जिसमें मात्र 14 यादव और 29 गैर यादव पिछड़ी जातियों के हुए थे। अभी 24 मार्च, 2017 को उच्च न्यायिक सेवा का परिणाम घोषित हुआ है, जिसमें 61 जजों में 52 सवर्ण चयनित हुए हैं जबकि एक पिछड़े मुस्लिम सहित कुल नौ पिछड़े चयनित हुए हैं। क्या यह सवर्णवाद नहीं है?”

उन्होंने कहा कि जब 86 एसडीएम में 56 यादव चयनित होने का झूठा मुद्दा उठाकर बवाल मचाया गया और गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत पैदा कराई गई तो 61 जजों में 52 सिर्फ सवर्ण जाति के चयनित हुए हैं, इस पर चुप्पी क्यों साधी गई है। निषाद ने कहा, “एसडीएम चयन में और अन्य नौकरियों में सिर्फ यादवों की भर्ती का जो माहौल बनाकर गैर यादव पिछड़ी, अतिपिछड़ी जातियों में नफरत पैदा की गई और लोक सेवा आयोग के बोर्ड पर यादव सेवा आयोग लिखा गया, उत्तर प्रदेश सरकार उन नौकरियों पर श्वेत पत्र जारी करे।”

उन्होंने बताया, “माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद 1993 में मंडल कमीशन के तहत अन्य पिछड़े वर्ग की जातियों को शिक्षा और सेवायोजन में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया लेकिन अभी भी इन्हें मात्र 8.6 प्रतिशत ही प्रतिनिधित्व मिल पाया है। आखिर इसका क्या कारण है? क्या केंद्र सरकार अन्य पिछड़े वर्ग के लिए बैकलॉग भर्ती शुरू कर इनका कोटा पूरा करेगी? क्या अपने को पिछड़ी जाति का बताने वाले मोदी जी ओबीसी की जनगणना रिपोर्ट उजागर करेंगे?”

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  1. H
    haushilajeet yadav
    Aug 18, 2017 at 2:06 pm
    प्लीज़ कोई हमें बताएगा
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    Reply
    1. H
      haushilajeet yadav
      Aug 18, 2017 at 2:02 pm
      जज डाटा लिस्ट कहा हैं जो ६१ में से ५२ सुवर्ण हैं
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      Reply
      1. S
        SATYAPAL VERMA
        Apr 12, 2017 at 3:02 pm
        satypalverma807@gmail
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        Reply
        1. सुनील सिंह
          Apr 11, 2017 at 1:33 pm
          यादव है तो देश है ।यादवों के बलिदान को मजाक मत बनाओ भाई बहुत दुःख होता है जब सबके सब चाहे बसपा हो या भजपा इनकी पार्टी में कितने यादवों को प्रतिनिधित्व मिला ।बताय भाजपा up में मात्र 1 राज्य मंत्री केविनेट में भी नहीं इतनी जलन । लोकसभा में यूपी विधान सभा में इतना बहुमत दिया इन्होंने क्या दिया । ऐसा होगा तो इसके परिणाम बहुत भयंकर होंगे । कहाँ गया सबका साथ सबका विकाश आज थानों को केवल यादव हिन् बना दिय ।मुलायम सिंह के कास्ट के होने की उन्हें इतनी बड़ी सजा भाई।
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          1. सुनील सिंह
            Apr 11, 2017 at 1:25 pm
            यह मीडिया इस को क्यों नहीं दिखाती की सेना में ीद की संख्या सबसे ज्यादा यादवों की चीन युद्ध केवल अहीर जाति ने जीता 120 ने 2000 चीनी सैनिक मारे। पाक युद्ध में कुमाऊ रेजिमेंट के 55 अहीर ीद हुए और तो और पिछले कुछ दिनों में 86 साहिदों में34 यादव ।इसे क्यों नहीं दिखाते जब कोई यादव आर्मी के अतिरिक्त कही लगे तो दिखाते है यादव ज्यादा हो गए ।अरे संख्या भी तो ज्यादा है ।
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