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योगी आदित्य नाथ सरकार के मंत्री पर कब्र‍िस्‍तान बेचने का आरोप, दर्ज होगा केस

वक्फ और हज मामलों के राज्यमंत्री मोहसिन रजा का कहना है कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के आरोप झूठे और आधारहीन हैं।

Yogi Adityanath, Hinduism, Nationalism, Development, Yogi Adityanath Statement, Opposing Hinduism, Opposing Development, Opposing Nationalism, CM Yogi Adityanath, UP CM, Yogi Adityanath on Hinduism, State newsयूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file photo)

योगी आदित्य नाथ सरकार में मंत्री मोहसिन रजा पर वक्फ बोर्ड की जमीनें बेचने का आरोप लगा है। रजा पर आरोप है कि उन्होंने तीन बार वक्फ की जमीनें बेचने की कोशिश की है। वहीं इस मामले में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का मन बनाया है। बोर्ड ने मोहसिन रजा पर आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके भाईयों ने सफीपुर उन्नाव की वक्फ की प्रोपर्टी को गैरकानूनी ढंग से बेच डाला है। इसमें कब्रिस्तान की जमीन भी शामिल है। मोहसिन रजा वक्फ संपत्ति के बोर्ड से नियुक्त हैं। लखनऊ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने बताया कि मसरूर हुसैन नकवी ने इस मामले में शिकायत की थी। जिसके बाद बोर्ड से इसकी जांच कराई जो सही साबित हुई। जो सबूत सामने आए उनके अनुसार मोहसिन रजा और उनके भाईयों ने अपनी मां को पॉवर ऑफ अटर्नी देकर जमीन को तीन हिस्सों में बेच डाला। वसीम रिजवी के अनुसार बेची गई वक्फ संपत्ति के एक खसरे में मोहसिन रजा के नाना-नानी और मां-बाप की चार कब्रें है। इसलिए कानून के अनुसार अगर किसी खसरे पर तीन से ज्यादा कब्रें हैं तो उसे कब्रिस्तान माना जाएगा। जिससे यह कब्रिस्तान को बेचे जाने का मामला बनता है। रिजवी के अनुसार बोर्ड उन्नाव के जिलाधिकारी से बेची गई वक्प संपत्ति पर कब्जा वापस लेगा।

खबर के अुसार मोहसिन रजा ने जिन वक्फ की जमीनों को बेचा है उनकी कीमत दो करोड़ से ज्यादा हैं। रिपोर्ट के अनुसार 1937 में अलिया बेगम ने यह जमीनें वक्फ को दान कर दी थीं। तब से मोहसिन रजा का परिवार वक्फ की जमीनों की देखरेख कर रहा था। सफीपुर के ही रहने वाले मसरूर हसन के वक्फ बोर्ड में शिकायत करने के बाद ये पूरा मामला सामने आया है। रजा पर आरोप है कि 27 दिसंबर 2005, 9 अगस्त 2006 और 29 मार्च 2011 में उन्होंने 505 गज जमीनों को बेचा। जबकि साल 1937 में अलिया बेगम ने जमीन वक्फ को दान में दी थी।

दूसरी तरफ वक्फ और हज मामलों के राज्यमंत्री मोहसिन रजा का कहना है कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के आरोप झूठे और आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि उनके विभाग की ही सिफारिश पर ही मुख्यमंत्री ने केंद्र को सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड के चेयमैन परेशान ना हों सारा सच सीबीआई जांच में सामने आ जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व की अखिलेश सरकार में मंत्री आजम खां पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर 400 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया था।

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