ताज़ा खबर
 

लखनऊ एनकाउंटर: विवेक को गोली मारने वाला सिपाही बोला- CM के निर्देश पर दर्ज नहीं हो रही हमारी FIR

लखनऊ के गोमती नगर में शनिवार (29 सितंबर) को तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार 'एप्पल' के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी।

Author Updated: September 30, 2018 10:19 AM
एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मारने का आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी। फोटो- ANI

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तड़के डेढ़ बजे एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोमती नगर इलाके में हुई इस हत्या का आरोप यूपी पुलिस के दो सिपाहियों पर लगा है। दोनों ही सिपाहियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा उन्हें बर्खास्त करने के आदेश भी दिए गए हैं।

लेकिन इसी बीच विवेक तिवारी को गोली मारने के आरोपी सिपाही ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा,” मैंने उसे गोली नहीं मारी है। गोली गलती से चली है। उसने मुझे कार से तीन बार टक्कर मारकर मेरी हत्या की कोशिश की। मैंने मांग की है कि मेरी भी एफआईआर दर्ज की जाए।”

आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने कहा,” ये भी कहा जा रहा है कि सीएम ने कहा है कि हमारा केस दर्ज न किया जाए। क्या हमारे प्राणों की कोई कीमत नहीं है?” वहीं आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की पत्नी ने एएनआई से कहा, ” घटना के बाद से 12 घंटे से अधिक हो चुके हैंं। लेकिन अभी तक हमारी कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।”

गौरतलब है कि लखनऊ के गोमती नगर में शनिवार (29 सितंबर) को तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार ‘एप्पल’ के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी। गोली लगते ही उसका संतुलन बिगड़ा और वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं सिर पर गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले।

दूसरे पुलिसकर्मियों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने विवेक को मृत घोषित कर दिया। हादसे के वक्त विवेक तिवारी के साथ रहीं सना की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गोलीबारी करने वाले कांस्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है।

कांग्रेस पार्टी ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि नागरिक जीवन की हत्या है। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 लखनऊ एनकाउंटर: योगी के मंत्री के विवादित बोल, कहा- क्रिमिनल को ही लग रही गोली
2 समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चा की होर्डिंग से नदारद थे मुलायम, बवाल हुआ तो फिर से छपवाईं
3 ब्‍वॉयफ्रेंड संग तस्‍वीरें फेसबुक पर डालीं, पिता ने बेटी पर किया कुल्‍हाड़ी से वार, हालत गंभीर