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यूपी के मंत्री का बयान: हिन्‍दू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने वाले नेताओं को जला डालो!

राजभर की टिप्पणी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच 2019 के संसदीय चुनावों में भाजपा को हराने के लिए हुए गठबंधन के बाद आई है।

बीजेपी की बागी सहयोगी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला था।

बीजेपी के सहयोगी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर एक सार्वजनिक रैली में यह कहकर विवादों में घिर गए हैं कि सांप्रदायिक दंगों में केवल आम लोग ही क्यों मरते हैं, नेता क्यों नहीं मरते। राजभर ने रविवार को अलीगढ़ में अपनी रैली में सवाल किया, कि “नेता क्यूं नहीं मरते।” क्या कोई बड़े राजनेता हिंदू-मुस्लिम दंगों में मारे गए? क्यों नहीं राजनेता मरते हैं? उन राजनेताओं को आग लगा दो जो आपको धर्म के आधार पर लड़ाने की कोशिश करते हैं, तब वे दूसरों को समझेंगे और ‘जलाना’ बंद करेंगे।” उत्तर प्रदेश में अक्सर भाजपा सरकार की आलोचना करने वाले नेता ने कहा कि “नेता हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करते हैं” हालांकि संविधान किसी भी व्यक्ति को अपना वोट देने के लिए योग्य बनाता है जो भारत का नागरिक है।  शनिवार को, राजभर ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA से बाहर निकलने की धमकी दी थी।

राजभर की टिप्पणी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच 2019 के संसदीय चुनावों में भाजपा को हराने के लिए हुए गठबंधन के बाद आई है। बागी यूपी के मंत्री ने भाजपा को यह तय करने की समय सीमा दी है कि वह संयुक्त रूप से आम चुनाव लड़ना चाहती है या नहीं। राजभर ने कहा कि अगर उन्हें उपयुक्त प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उनकी पार्टी – सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

बीजेपी की बागी सहयोगी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने भाजपा से स्थानों के नाम बदलने से पहले अपने मुस्लिम नेताओं के नाम बदलने के लिए कहा था। भाजपा ने मुगलसराय और फैजाबाद के नाम बदल दिए हैं। उनका कहना है कि उनका नाम मुगलों के नाम पर रखा गया था। उनके पास राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के मंत्री मोहसिन रजा – भाजपा के तीन मुस्लिम चेहरे हैं। पहले उन्हें अपने नाम बदल लेने चाहिए।

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