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डीएम बोले गायों के लिए दान करो एक दिन का वेतन, जवाब मिला- अपना वेतन गायों को खिलाने में खर्च कर दें ?

अलीगढ़ के डीएम सीबी सिंह ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को अपना एक दिन का वेतन गायों के लिए दान देने के आदेश दिया है। दरअसल सड़कों पर घूम रहे गोवंश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।

फसल बर्बादी से परेशान किसान आवारा गाय और बैलों को स्कूलों में बंद कर रहे हैं। (फोटो सोर्स:एएनआई)

अलीगढ़ के डीएम सीबी सिंह ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को अपना एक दिन का वेतन गायों के लिए दान देने के आदेश दिया है। दरअसल सड़कों पर घूम रहे गोवंश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन द्वारा उन पर काबू पाने की कोशिश जारी है।  सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने से  एक तरफ जहां कई हादसे हो चुके हैं तो वहीं दूसरी ओर कई किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। बता दें कि इस समस्या को लेकर शासन ने भी गोशालाएं बनवाने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर कोई कार्य देखने को नहीं मिला है और लोगों की समस्या जारी है।

2.1 करोड़ रुपए किए गए जारी: डीएम सीबी सिंह ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते हुए अपना एक दिन का वेतन गायों के लिए दान देने को कहा। डीएम के निर्देश के मुताबिक ये रकम ऐनिमल वेलफेयर सोसाइटी में जमा होगी। इसके साथ ही डीएम ने बताया कि जिले के लिए शासन ने 2.1 करोड़ रुपये खर्च के लिए जारी किए हैं। लेकिन सरकार द्वारा गायों के लिए जो बजट जारी किया जाता है वह काफी नहीं है। जिसके चलते खुद डीएम भी गायों के लिए सोसायटीं में 11 हजार रुपए दान के रुप में अपनी तरफ से जमा करा चुके हैं। वहीं सीडीओ और एसडीएम भी अपना एक दिन का वेतन सोयायटी में जमा करा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक जिले में 30 हजार से ज्यादा गोवंश हैं।

खाने की जिम्मेदारी पशु चिकित्साधिकारियों की होगी: एक तरफ जहां अलीगढ़ में डीएम ने अपना एक दिन का वेतन देने की बात कही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में  डीएम कौशल राज शर्मा ने एक नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्होंने पशुचिकित्साधिकारियों को संबोधित करते हुए लिखा कि आवारा गोवंश जिन्हें अस्थाई गोशालाओं में रखा गया है, उनके खाने की जिम्मेदारी पशु चिकित्साधिकारियों की है। उन्होंने आगे लिखा कि अगर किसी गोवंश की चिकित्सिकीय लापरवाही से मौत हुई तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी।

आवारा पशुओं की होगी टैगिंग: लखनऊ के डीएम ने इस समस्या पर निर्देश जारी करते हुए लिखा कि आवारा पशुओं की टैगिंग, नसबंदी और मेडिकल ट्रीटमेंट का इंतजाम सही तरीके से होना चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारियों को सुविधा के मुताबिक इस कार्य में मदद के लिए लगाया जा सकता है।

लखनऊ डीएम के निर्देश से मचा हड़कंप: लखनऊ डीएम के निर्देश के बाद से चिकित्साधिकारियों में हड़कंप मच गया। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वो अपने पास से पशुओं की खाने की व्यवस्था कहां से करेंगे ? इसके साथ ही निर्देश पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों ने कहा कि अब हम क्या अपना वेतन गायों को ही खिलाने में खर्च कर दें।

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