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गोरखपुर: एंकर बोली- बच्चों की मौत का मुद्दा क्यों उठाया, असली मुद्दे वंदे मातरम् पर डिबेट करें

एक यूजर ने लिखा, ' मुझे डर लग रहा है कि टाइम्स नाउ की नविका कुमार गोरखपुर अस्पताल में मरे बच्चों के माता पिता को ही धमकाने ना लगे कि आपके बच्चे बीजेपी शासित राज्य में ही क्यों मरते हैं।'
गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद बिलखते परिजन (फोटो-पीटीआई)

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में 5 दिनों में 63 बच्चों की मौत हो चुकी है। टीवी चैनलों में इस मुद्दे पर लगातार बहस हो रही है। लेकिन अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ पर उस समय बड़ी अजीब स्थिति देखने को मिली जब शुक्रवार को चैनल के प्राइम टाइम शो न्यूज ऑवर में एक पैनलिस्ट ने इस मुद्दे को उठा दिया। दरअसल उस वक्त चैनल पर किसी और मुद्दे पर बहस चल रही थी। चैनल अपने प्राइम टाइम शो में उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त के दिन सभी मदरसों में तिरंगा फहराने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर डिबेट करवा रहा था। इस डिबेट की एंकरिंग कर रही थीं जानी मानी पत्रकार नविका कुमार। जब एक वक्ता ने बहस के दौरान गोरखपुर में बच्चों की मौत का मामला उठाना चाहा तो नविका कुमार उस पर बरस पड़ीं, और कहा कि आप असली मुद्दे वंदे मातरम पर चर्चा कीजिए जिस पर हमलोग बहस कर रहे हैं। नविका कुमार ने कहा, ‘डिबेट वंदे मारतम पर रहा है, आप इस मुद्दे को यहां ला रहे हैं क्योंकि आप असली मुद्दे से भागना चाह रहे है।’

नविका कुमार की इस टिप्पणी की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया, ‘ मुझे लगता है कि न्यूज चैनल की एंकर ने आज कहा कि आप गोरखपुर में हुई मौतों का मुद्दा उठाकर लोगों का ध्यान भटकाना क्यों चाहते हैं, जबकि हमारा फोकस वंदे मारतम है! भगवान मीडिया को बचाये।’ एक और यूजर ने लिखा, ‘ मुझे डर लग रहा है कि टाइम्स नाउ की नविका कुमार गोरखपुर अस्पताल में मरे बच्चों के माता पिता को ही धमकाने ना लगे कि आपके बच्चे बीजेपी शासित राज्य में ही क्यों मरते हैं।’ तुषार सेठ नाम के एक यूजर ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए लिखा है, ‘ अरनब और नविका कुमार इस मुद्दे के लिए अरविंद केजरीवाल को छोड़ना नहीं, उसकी जिंदगी नरक बना दो। सोशल मीडिया पर इस घटना पर कई लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी है और गोरखपुर की इस घटना को हत्या करार दिया है।

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