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उपचुनावों में नहीं हुए आमने-सामने, 2000 KM दूर जाकर मंच साझा करेंगे मायावती-अखिलेश

बीजेपी के खिलाफ सपा-बसपा 25 साल बाद एकजुट हुई है। मार्च में गोरखपुर और फूलपुर संसदीय उप तुनावों में सपा-बसपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन तब चुनावी सभाओं में बुआ मायावती और भतीजे अखिलेश ने कभी एक साथ मंच साझा नहीं किया।

मायावती ने 2019 लोकसभा चुनावों के लिए किया अहम ऐलान। (express photo)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी उप चुनावों में कभी भी एक साथ मंच साझा नहीं किया लेकिन अब लखनऊ से 2000 किलोमीटर दूर बेंगलुरु में दोनों नेता बुधवार (23 मई) को मंच साझा करेंगे। ये दोनों नेता कर्नाटक के नए सीएम कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में मायावती से मिलकर शपथ समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है। अखिलेश यादव को भी फोन पर शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

बता दें कि बीजेपी के खिलाफ सपा-बसपा 25 साल बाद एकजुट हुई है। मार्च में गोरखपुर और फूलपुर संसदीय उप तुनावों में सपा-बसपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन तब चुनावी सभाओं में बुआ मायावती और भतीजे अखिलेश ने कभी एक साथ मंच साझा नहीं किया। मायावती ने 2019 तक सपा के साथ गठबंधन की बात कही है। कर्नाटक चुनाव के बाद अब माना जा रहा है कि बीजेपी विरोधी क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

इधर, मायावती और अखिलेश के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, दिल्ली की सीएम अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम पी विजयन, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत कई गणमान्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनाने में सीताराम येचुरी ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने गठबंधन करने के लिए एचडी देवगौड़ा को मनाया था।

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