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योगी सरकार का फैसला- नए मदरसों को अनुदान पर रोक, भड़के अनुराग भदौरिया बोले- मानक पूरे हों तो दिक्कत क्‍या है

समाजवादी पार्टी के नेता अनुराग भदौरिया ने नए मदरसों के लिए अनुदान पर रोक लगाने के योगी सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है और शिक्षा में भी नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।

Anurag Bhadauria|Yogi Government|UP Madarsas
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Source – PTI)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने फैसला किया है कि नए मदरसों को अब कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा। योगी कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया गया है। राज्य में मौजूदा समय में 558 मदरसों को सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।

योगी सरकार के इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने नाराजगी जताई है। उनका सवाल है कि अगर कोई मदरसा सभी मानक पूरे करता है तो अनुदान देने में क्या दिक्कत है?

उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। अब शिक्षा में भी नफरत की राजनीति करना चाहते हैं। अगर कोई मदरसा मानक पूरे करता है तो अनुदान देने में क्या दिक्कत है? आप चाहते हैं कि मदरसों से भी डॉक्टर-इंजीनियर पैदा हों तो कैसे संभव है जब आप इस तरह भेदभाव करेंगे। ये तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि अगर मदरसा मानक पूरे करता है तो आपको मदद करनी चाहिए क्योंकि वहां भी हिंदुस्तान के बच्चे पढ़ते हैं।”

शिक्षा में भी नफरत की राजनीति : अनुराग भदौरिया
सपा नेता ने कहा कि सरकार इसलिए ऐसा कर रही है क्योंकि वो नफरत की राजनीति को बढ़ावा देना चाहती है और शिक्षा में भी नफरत की बात करना चाहती है ये हिंदुस्तान के लिए चिंता की बात है। सरकार शिक्षा के साथ भी धर्म और जाति की राजनीति करती है। देश में इतने मुद्दे हैं उन पर चर्चा नहीं करते और ज्ञानवापी, ताजमहल, कुतुब मीनार के मुद्दे लेकर आते हैं।

वहीं, मदरसा प्रबंधक अब्दुल्ला ने कहा कि मदरसों में सिर्फ कुरान, हदीस और उर्दू ही नहीं पढ़ाई जाती है। वहां, हिंदी, इंग्लिश, मैथ और साइंस तमाम शिक्षा दी जाती है। अगर सरकार ऐसा कर रही है तो प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहिए कि उन्होंने ये बात क्यों कही थी कि एक हाथ में कंप्यूटर और एक हाथ में कुरान देंगे।

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