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सोनभद्र नरसंहार में पुलिस पर उठी अंगुली, दावा- वारदात से कुछ देर पहले सिपाही ने मुझे किया था फोन

17 जुलाई को जमीन विवाद में गोंड और गुर्जर समुदाय में हुए टकराव के दौरान हुई फायरिंग में 10 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 23 लोग घायल हो गए थे।

Author सोनभद्र | July 21, 2019 9:15 AM
वह पाइप जिसमें हमले के दौरान कई छिप गए। ग्रामीण राम बली ने कहा कि उन्हें बाहर निकाला गया और गोली मार दी गई। (Express photo by Vishal Srivastav)

यूपी के सोनभद्र जिले में जमीन विवाद में 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर देने के मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने सनसनीखेज दावा किया है। उसका कहना है कि नजदीकी पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल ने वारदात वाले दिन घटना से कुछ वक्त पहले ही उसे फोन किया था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, पुलिसवाले ने उसे जमीन विवाद में ‘समझौता’ करने के लिए कहा था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर ‘कुछ हो सकता है’।

हत्याकांड के गवाह राम राज्य ने यह भी दावा किया है कि जब उन्हें लगा कि हमला होने की आशंका है तो उन्होंने सोनभद्र के एसपी सलमान ताज पाटिल से मदद मांगने के लिए उन्हें कॉल किया था। राम राज्य के मुताबिक, उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करने के लिए कहा गया। राम राज्य के मुताबिक, घोड़ावाल पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल सत्यजीत ने उन्हें कॉल करके कहा कि एसएचओ उनसे जमीन विवाद पर बातचीत करना चाहते हैं।

राम राज्य ने बताया, ‘उसने कहा कि अगर मैं नहीं आता हूं तो कुछ होने की स्थिति में प्रशासन को दोष न दिया जाए। इसका मतलब यह है कि वह जानता था कि कुछ होने वाला है। मैंने पड़ोस के गांववालों से सुना था कि मूर्तिया गांव का प्रधान (फायरिंग का मुख्य आरोपी) लोग और ट्रैक्टर इकट्ठे कर रहा है।’ राज्य के मुताबिक, उसने एसपी पाटिल को फोन करके बताया कि प्रधान किसी तरह की साजिश रच रहा है।

राम राज्य ने आगे कहा, ‘एसपी ने मुझे कहा कि पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर इस मामले को देखेंगे।’ राम राज्य के मुताबिक, उन्होंने हमला होते ही सुबह 11 से साढ़े 11 बजे के बीच आपातकालीन नंबर 100 और 1076 पर कई बार कॉल किए। पुलिस ने 30 किमी दूर घोड़ावाल पुलिस स्टेशन से कच्चे रास्ते के जरिए आने में करीब एक घंटे का वक्त लिया। तब तक आरोपी प्रधान और उसके लोग मौके से फरार हो चुके थे।

उधर, एसपी ने राम राज्य के कॉल करने के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि वह इस तरह के आरोप क्यों लगा रहा है? मैं उससे इस बारे में बात करूंगा।’ एसपी के मुताबिक, आरोपी कॉन्स्टेबल सत्यजीत को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर कॉन्स्टेबल इस विवाद में किसी का पक्ष लेने का दोषी पाया जाता है तो हम उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।’

बता दें कि 17 जुलाई को जमीन विवाद में गोंड और गुर्जर समुदाय में हुए टकराव के दौरान हुई फायरिंग में 10 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 23 लोग घायल हो गए थे। गोंड समुदाय के लोगों को इस गांव में दलित का दर्जा हासिल है। वारदात को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवारवालों से मुलाकात की थी। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ भी रविवार को ऊंभा गांव का दौरा करके पीड़ित परिजनों से मिलेंगे। पुलिस ने अभी तक 29 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 17 की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी प्रधान यज्ञ दत्त भी गिरफ्तार हो चुका है।

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