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शिया धर्मगुरु बोले- बाबरी मस्जिद के पक्ष में फैसला आने पर भी हिंदुओं को जमीन दें मुसलमान

वरिष्ठ शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक ने रविवार (13 अगस्त, 2017) को विवादित बाबरी मस्जिद/राम मंदिर को लेकर बयान दिया है।
शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक। (फोटो सोर्स एएनआई)

वरिष्ठ शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक ने रविवार (13 अगस्त, 2017) को विवादित बाबरी मस्जिद/राम मंदिर को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद के पक्ष में फैसला देता है तो मुस्लिम समुदाय को जमीन से अपना दावा छोड़ इसे हिंदुओं के दे देनी चाहिए। शिया धर्मगुरु ने ये बात वर्ल्ड पीस एंड हारमनी कॉन्कलेव कार्यक्रम में कही हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को दोनों समुदायों द्वारा सम्मान के साथ पेश किया जाना चाहिए। इसपर केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कल्बे सादिक के बयान की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह बात कह कर मौलाना साहब ने सबका दिल जीत लिया है। हर्षवर्धन के अनुसार भगवान श्रीराम ना हिंदुओं के और ना मुसलमानों। बल्कि वो तो भारत की आत्मा हैं। गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद/राम मंदिर विवाद पर शुक्रवार (11 अगस्त, 2017) को सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुवाद के लिए तीन महीने का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई पांच दिसंबर (2017) को तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले वह दो मुख्य पक्षों को चुनेगा इसलिए सभी पक्ष अपने कागजात तैयार रखें।

जानकारी के लिए बता दें कि करीब 71 साल बाद बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक की लड़ाई हारने के बाद उत्तर प्रदेश का शिया वक्फ बोर्ड बुधवार (9 अगस्त, 2017) को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जहां बोर्ड ने 30 मार्च, 1946 को सुन्नी बोर्ड के पक्ष में सुनाए गए फैसले को चुनौती दी थी। अपनी याचिका में बोर्ड ने स्वीकारा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण उस जगह बने एक मंदिर को तोड़कर किया गया था। बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार (11 अगस्त, 2017) को सुनवाई की थी। जिसे पांच दिंसबर तक के लिए टाल दिया है। इसपर शिया वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से अपील की कि अन्य याचिकाओं के साथ उसकी पिटिशन पर भी फैसला किया जाए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने से एक दिन पहले बोर्ड ने कहा था कि वो बाबरी मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए तैयार है, जिससे इस विवाद को खत्म किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ बोर्ड ने अपनी याचिका एडवोकेट एससी धींगरा के जरिए दाखिल की। याचिका में कहा गया कि कोर्ट ने बाबरी मस्जिद पर सुन्नी वक्फ बोर्ड को मालिकाना हक देकर बड़ी गलती की है। क्योंकि मस्जिद का निर्माण एक शिया मुस्लिम ने करवाया था। दरअसल आमतौर पर लोग मानते हैं कि बाबरी मस्जिद का निर्माण मुगल बादशाह बाबर ने करवाया था, लेकिन इसे चुनौती देते हुए बोर्ड ने दावा किया कि बाबरी मस्दिद का निर्माण बाबर के मंत्री अब्दुल मीर बाकी ने करवाया था, जोकि शिया समुदाय से आते थे। मीर बाकी ने अपने पैसे से मस्जिद का निर्माण करवाया था। जबकि बाबर एक सुन्नी मुस्लिम थे।

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