ताज़ा खबर
 

यूपी: चुनावी महीनों में बढ़ सकती है अखिलेश यादव की मुश्किलें, CBI और ED का कस सकता है शिकंजा

आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में करीब 1,513 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई है। सीबीआई ने पिछले साल 2 दिसंबर, 2017 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। (Photo-PTI)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को आगामी लोकसभा चुनावों से पहले मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट में हुई धांधली की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियों के रडार पर अखिलेश यादव भी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी समस्‍याएं बढ़ सकती हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच की जिम्‍मेदारी ऐसे समय दी गई है जब आने वाले कुछ महीनों में कई राज्‍यों में चुनाव होने वाले हैं। बता दें कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए विधान सभा चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए सोमवार (10 सितंबर) को प्रोजेक्ट से जुड़ी छह कंपनियों को समन जारी किया है। इसे सपा नेता पर दबाव बनाने के तौर पर देखा जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय प्रोजेक्ट में हुई वित्तीय अनियमितता की छानबीन कर रहा है। यह प्रोजेक्ट अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था।

HOT DEALS
  • Samsung Galaxy J3 Pro 16GB Gold
    ₹ 7490 MRP ₹ 8800 -15%
    ₹0 Cashback
  • Panasonic Eluga A3 Pro 32 GB (Grey)
    ₹ 9799 MRP ₹ 12990 -25%
    ₹490 Cashback

बता दें कि इस साल मार्च में सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी। आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में करीब 1,513 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई है। सीबीआई ने पिछले साल 2 दिसंबर, 2017 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर में सीबीआई ने लखनऊ में पदस्थापित सिंचाई विभाग के आठ इंजीनियरों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन सभी कर्मचारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय गड़बड़ी की और आर्थिक अपराध किया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, चीटिंग और फॉर्जरी का केस दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशलाय ने भी इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।

मामले में प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जो कंपनियां दागी थीं और ब्लैक लिस्टेड थीं, उन्हें भी ठेके दिए गए। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों ने इन कंपनियों को ठेके की राशि से भी अधिक भुगतान किया। प्रवर्तन निदेशालय ने जिन छह कंपनियों को समन जारी किया है, उनमें गैमन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, केके स्पून पाइप प्राइवेट लिमिटेड, हाईटेक कम्पेटेंट बिल्डिर्स प्राइवेट लिमिटेड, रिशु कंस्ट्रक्शन और तराई कंस्ट्रक्शन हैं। पिछले साल राज्य की सत्ता में आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच कराने का एलान किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App