Reality of fake encounter caught in camera in UP - यूपी: कैमरे में कैद एनकाउंटर का 'सच', प्रमोशन के लिए मुठभेड़ को तैयार पुलिसकर्मी! - Jansatta
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यूपी: कैमरे में कैद एनकाउंटर का ‘सच’, प्रमोशन के लिए मुठभेड़ को तैयार पुलिसकर्मी!

यूपी पुलिस के कुछ जवान झूठे मामले में आम लोगों को फंसा रहे हैं और फेक एनकाउंटर्स में उन्हें मार भी दे रहे हैं। फेक एनकाउंटर का यह पूरा सच कैमरे में कैद हो गया है।

उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर! (एक्सप्रेस फोटो-C R Sasikumar)

उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों के खात्मे के लिए पुलिस की ओर से बीते एक साल में हजार से ज्यादा एनकाउंटर्स किए गए। दावा किया गया है पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर्स से प्रदेश के अपराधियों के बीच दहशत व्याप्त हो चुका है। लेकिन इस एनकाउंटर्स का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। वह यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान प्रमोशन, गैलेंट्री आवार्ड और पैसे के लिए भी फेक एनकाउंटर कर रहे हैं। यूपी पुलिस के कुछ जवान झूठे मामले में आम लोगों को फंसा रहे हैं और फेक एनकाउंटर्स में उन्हें मार देने का दावा तक कर रहे हैं। फेक एनकाउंटर का यह पूरा सच कैमरे में कैद हो गया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्टिंग आॅपरेशन में आगरा जनपद के बसेई जगनेर थाना प्रभारी जगदंबा सिंह कैमरे पर यह बोलते हुए देखे जा रहे हैं कि, “थाना का चार्ज पाने के लिए कोई कुछ भी कर सकता है। हत्या कर सकता है। पैसे दे सकता है। अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर सकता है। आज के समय में मीडिया की पहुंच इतनी बढ़ गई है, इसके बावजूद एनकाउंटर हो रहा है। यूपी पुलिस दुनिया की सबसे ताकतवर पुलिस है। जो चाहे कर सकती है। जिसको चाहे पकड़कर कुछ भी कर दे। एनकाउंटर तक कर दें। हम जो भी चाहे कर देते हैं। यूपी में पॉवर का दुरूपयोग आम बात है। एनकाउंटर में कौन हिस्सा लेगा, इसकी जानकारी हमारे कप्तान (एसएसपी) को होती है। बिना कप्तान की सहमति से एनकाउंटर नहीं होता।” बसाई थाना के सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने स्टिंग के दौरान अपने ट्रांसफर के लिए बेचैन दिखे। कहा कि, “मैं शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग के लिए फर्जी एनकाउंटर तक करने को तैयार हूं। बदमाश को पकड़ कर गुप्त जगह रखा जाएगा। कोई जान भी नहीं पाएगा। समय आने पर उसे मार देंगे।”

 

वहीं, स्टिंग के बाद पूरा मामले जब इन मामलों की जानकारी यूपी पुलिस को हुई तो आगरा जनपद के एक निरीक्षक और दो उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।  इस बाबत आगरा के एसएसपी अमित पाठक कहते हैं कि मेरा मानना है कि यदि कोई भी व्यक्ति यूपी पुलिस में रहते हुए अपने निजी उद्देशयों के लिए किसी को प्रताड़ित करता है तो उसके खिलाफ सख्त कारर्वाई होनी चाहिए।

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