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अमेठी- बढ़ीं बलात्कार की घटनाएं

योगी आदित्यनाथ के राज में पुलिस पूरी तरीके से स्वतंत्र है, लेकिन अपराध पर काबू पाने में नाकाम है।

Author June 7, 2017 5:58 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

स्वामीनाथ शुक्ल

योगी आदित्यनाथ के राज में पुलिस पूरी तरीके से स्वतंत्र है, लेकिन अपराध पर काबू पाने में नाकाम है। जिले में 9 जनवरी से 26 मई के बीच 85 बलात्कार हो चुके हैं। इस पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगी ताकि अमेठी में कानून का राज कायम हो सके।  पांच महीने में जो बलात्कार हुए हैं उनमें सबसे ज्यादा बलात्कार की घटनाएं योगीराज की हैं जबकि अखिलेश सरकार मेंआंकड़े कम हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक अखिलेश सरकार में 9 जनवरी से 18 मार्च के बीच 68 दिन में 29 बलात्कार हुए थे, लेकिन योगी राज के 68 दिन में 19 मार्च से 26 मई के बीच 56 बलात्कार हो चुके हैं। बलात्कार के बाद महिलाओं और लड़कियों के शारीरिक जांच परीक्षण से जुड़ी एक महिला डॉक्टर ने बताया कि सबसे ज्यादा बलात्कार की घटनाएं नाबालिग लड़कियों के साथ हुई हैं।

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इस सरकार में नशे का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ा है जबकि अमेठी के पूर्व पुलिस अधीक्षक अनीस अंसारी ने नशे के खिलाफ अभियान चला रखा था। इस अभियान में कई बड़े कारोबारी जेल भी गए थे।योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कानून का राज होगा लेकिन ऐसे राज में फरियादी जेल जाते हैं। भ्रष्टाचारी थाने में चाय पीते हैं। टीकरमाफी के थानेदार एक फरियादी को 30 घंटे थाने में बंद कर रखा था जबकि वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की शिकायत करने गया था। अपराध रोकने के लिए 100 नंबर पुलिस है। लेकिन इस नंबर पर पुलिस फोन करने वाले को थाने उठा ले जाती है। इसके बाद लेन देन करती है। लेन देन करने के आरोप में संग्रामपुर थाने के दो सिपाही निलंबित हो चुके हैं।

 

बरेली- अपराध न थमने से लोग मायूस

शंकरदास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिस को मुक्त हस्त देने के बावजूद अपराधों के न थमने से लोग मायूस हैं। समाजवादी पार्टी और दूसरे विपक्षी दलों के अलावा व्यापारी संगठनों ने भी पुलिस अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर अपराधों पर लगाम लगाने की मांग की है। बरेली मण्डल में बीते साल एक जनवरी से 30 अप्रैल के बीच हत्या की 110 वारदातें हुई थीं जबकि इस साल इसी अवधि में इस तरह की 109 घटनाएं हुई हैं। इसी तरह डकैती की सात घटनाएं हुई थीं और अब इनकी संख्या बढ़कर 8 हो गई है। लूट की घटनाएं भी 71 से बढ़कर 93 हुई हैं। बलात्कार 75 सें बढ़कर 80 और अपहरण की घटनाएं 319 से बढ़कर 338 हुई हैं। यहां यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि यह आंकड़े सिर्फ योगी सरकार के कायर्काल के न होकर पिछले चार महीनों के हैं जिनमें लगभग ढाई महीने का समय पिछली अखिलेश सरकार का भी शामिल है।

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