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राज्यसभा चुनाव 2018: पार्टी प्रमुख संग रात्रिभोज खाया, बेटे का फोटो रख कसम खाई, फिर भी इस विधायक ने की क्रॉस वोटिंग

Rajya Sabha Election 2018 ( राज्यसभा चुनाव 2018): अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर के पक्ष में मतदान कराने के लिए पार्टी नेताओं ने अनिल कुमार सिंह को उनके बेटे का फोटो दिखवाकर कसम भी खिलवाई थी, बावजूद इसके अनिल कुमार सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया ।

क्रॉस वोटिंग करने वालों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक अनिल कुमार सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। सिंह उन्नाव से विधायक हैं।

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आज (23 मार्च को) वोटिंग हुई। इसमें क्रॉस वोटिंग का भी खेल होने की बात कही जा रही है। क्रॉस वोटिंग करने वालों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक अनिल कुमार सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। सिंह उन्नाव से विधायक हैं। उन्होंने वोट करने के बाद खुलकर अपनी बगावत का एलान करते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया है। बता दें कि इससे पहले अनिल कुमार सिंह ने गुरुवार की रात मायावती के घर पर आयोजित रात्रिभोज में हिस्सा लिया था। कहा जा रहा है कि बसपा के भोज के बाद अनिल कुमार सिंह योगी आदित्यनाथ के भी भोज में शामिल हुए थे।

एनडीटीवी के अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर के पक्ष में मतदान कराने के लिए पार्टी नेताओं ने अनिल कुमार सिंह को उनके बेटे का फोटो दिखवाकर कसम भी खिलवाई थी, बावजूद इसके अनिल कुमार सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया । शुक्रवार सुबह जब सिंह विधान सभा पहुंचे तभी उन्होंने बगावती अदा दिखानी शुरू कर दी थी। वोट देकर जैसे ही वो विधान सबा से बाहर आए, उन्होंने कहा कि वो महाराज जी यानी योगी आदित्यनाथ के साथ हैं। उन्होंने बीजेपी को वोट दिया है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आप मायावती से नाराज क्यों हैं तो उन्होंने कहा कि वो नाराज नहीं हैं। उन्होने कहा कि राज्य के कल्याण के लिए काम करना है और इसके लिए हमलोगों को ईमानदार होना चाहिए।

बता दें कि बीजेपी ने बसपा के अनिल कुमार सिंह के अलावा सपा के नितिन अग्रवाल और निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी के अलावा राजा भैया और उनके नजदीकी विनोद सरोज पर भी निगाहें गड़ा रखी थीं। अनिल कुमार सिंह, नितिन अग्रवाल और अमनमणि त्रिपाठी का वोट बीजेपी को मिलने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि राजा भैया ने पहले ही एलान कर दिया था कि वो अखिलेश को मदद करेंगे मगर मायावती को मदद नहीं करेंगे। कहा जा रहा है कि वोटिंग के बाद राजा भैया ने योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात है। ऐसे में उन्होंने किसे वोट दिया है, इस पर संशय बरकरार है।

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