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राज्यसभा चुनाव: योगी आदित्य नाथ के मंत्री ने दी बहिष्कार की धमकी, अमित शाह ने मिलने को बुलाया

यूपी में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम से दूरियां बना लीं। पार्टी मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने आगामी 23 मार्च को होने जा रहे राज्यसभा चन का बहिष्कार करने की धमकी दी।

Author नई दिल्ली | Published on: March 20, 2018 8:09 AM
ओम प्रकाश राजभर, मंत्री, योगी सरकार। (फोटो- फेसबुक)

यूपी में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम से दूरियां बना लीं। पार्टी मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने आगामी 23 मार्च को होने जा रहे राज्यसभा चन का बहिष्कार करने की धमकी दी। कहा कि उनकी पार्टी के चार विधायक इसका बॉयकॉट कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनसे संपर्क नहीं किया। जिसके बाद दबाव में भाजपा आ गई। बताया जा रहा कि अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है।

ओमप्रकाश राजभर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें मंगलवार को अमित शाह ने दो बजे मिलने के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह से बातचीत पर ही आगे का रुख निर्भर करेगा। जब राजभर ने राज्यसभा चुनाव बहिष्कार की बात कही थी तो भाजपा में हलचल हुई। योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना ने उनसे मुलाकात की। ओमप्रकाश राजभर हाल में कुछ समय से बागी रुख अख्तियार किए हुए हैं। उनका आरोप है कि भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है। बीजेपी उनकी पार्टी को भरोसे में नहीं ले रही है। राज्यसभा के लिए नौवा कंडीडेट अनिल जैन को बनाते समय भी उनसे राय नहीं ली गई।ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों के सिलसिले में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कई पत्र भेजे थे, मगर उसका जवाब नहीं आया था।

बता दें कि बीजेपी यूपी में अपने आठ उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। जबकि नौवें उम्मीदवार को जिताने केलिए 37 वोट चाहिए। जिसमें बीजेपी के अपने बचे वोट और सहयोगी अपना दल के नौ और भाजपा के चार वोट मिलाने के बाद भी नौ अन्य विधायकों के वोट चाहिए होंगे। ऐसे में बीजेपी इधर-उधर से नौ अन्य वोटों का जुगाड़ करने की तैयारी में है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा-वे चाहते हैं कि हम अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दें, मगर हम क्यों करें, हम अपनी पार्टी संचालित कर रहे हैं। सरकार बनने के बाद से उन्होंने गरीबों को उपेक्षित कर दिया, राज्यसभा के लिए नौवां उम्मीदवार बनाते समय उन्होंने हमसे कोई बात नहीं की।

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