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यूपीः कद्दू की सब्जी देने पर कैदियों ने काटा बवाल, पथराव होने पर पुलिस ने छोड़ी टीयर गैस

डीएम अदिति सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि कैदियों के दो गुटों में झगड़े के बाद उपद्रव हुआ। प्रशासन ने कैदियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने घटना में किसी के हताहत या घायल नहीं होने का दावा किया है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। Photo Source: Indian Express

बलिया जिला जेल में कई महीनों से खाने में रोजाना कद्दू की ही सब्जी दिए जाने से नाराज कैदियों ने बुधवार को जमकर उपद्रव किया। उग्र कैदियों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद जिला प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जिला जेल में बुधवार शाम कैदियों ने खाने को लेकर हंगामा किया। उनका कहना था कि उन्हें तीन माह से खाने में कद्दू की सब्जी दी जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शाम साढ़े छह बजे कैदियों ने पथराव शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अदिति सिंह व पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा भारी पुलिस बल सहित जेल परिसर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने करीब ढाई घंटे बाद आंसू गैस के गोले छोड़ कर स्थिति को नियंत्रित किया।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कैदियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया तथा उन्हें वापस बैरक में भेजा। अधिकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान कैदियों ने भोजन के रूप में पिछले तीन माह से कद्दू की सब्जी देने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि कैदियों ने अवैध वसूली को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि इस मामले में बलिया शहर कोतवाली में उप कारापाल कुंज बिहारी सिंह की शिकायत पर अज्ञात कैदियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि उप कारापाल कुंज बिहारी सिंह ने शिकायत में उल्लेख किया है कि सायंकालीन भोजन वितरण के बाद जेल को बन्द करने की प्रक्रिया चल रही थी तभी जेल के बैरक संख्या 2ए, 2बी, 3ए, 3बी व 4 में कैदियों के दो गुटों में मारपीट शुरू हो गई। कैदियों द्वारा पथराव किया गया तथा जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की गई।

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि कैदियों के दो गुटों में झगड़े के बाद उपद्रव की घटना हुई। प्रशासन ने कैदियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने इस घटना में किसी के हताहत या घायल नहीं होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

इस पूरी घटना की शुरुआत के पीछे पिछले दिनों हुई घटना भी वजह है। कुछ समय पहले कारागार की दीवार फांदकर एक बंदी भाग निकला था। मामले की पड़ताल के बाद जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य का तबादला हो गया था। नए अधीक्षक यूपी मिश्र ने यहां आने के बाद सख्त तेवर दिखाए। बताया गया कि कथित तौर पर सुविधा शुल्क देकर बंदियों को मोबाइल का भी इस्तेमाल करने की छूट दे दी गई। शासन के निर्देश पर जेल में ही पीसीओ का इंतजाम कर दिया गया, ताकि बंदी समय-समय पर अपने घर बात कर सकें। इस व्यवस्था से बंदियों को आपत्ति थी।

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