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चार साल में पीएम मोदी काशी को नहीं बना सके ‘क्योटो’, पर 30,000 करोड़ दिलवाए

बीजेपी सूत्रों का दावा है कि काशी के विकास के लिए इन पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 30,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत कराई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार साल में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) को क्योटो नहीं बना सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार साल में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) को क्योटो नहीं बना सके। चार साल पहले जब उन्होंने वाराणसी से लोकसभा चुनाव जीता था और देश के प्रधानमंत्री बने थे तब जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे को काशी यात्रा कराई थी। इस दौरान जापान के साथ करार किया गया कि काशी का विकास जापान के क्योटो की तर्ज पर किया जाएगा लेकिन चार साल बाद भी काशी क्योटो बनने का इंतजार कर रही है। पांचवे साल में पीएम मोदी 13वीं बार वाराणसी के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि शनिवार (14 जुलाई) को वो करीब 900 करोड़ रुपये की करीब 33 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। पीएम के कार्यक्रम में ‘मेरी काशी’ नाम से एक बुकलेट भी जारी किया जाएगा जिसे पूरे शहर में बांटने की बीजेपी की योजना है। इस बुकलेट में काशी के विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं का विवरण है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि काशी क्योटो तो नहीं बन पाई लेकिन टोटो जरूर बन गई। इधर, बीजेपी सूत्रों का दावा है कि काशी के विकास के लिए इन पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 30,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत कराई हैं। इससे आने वाले कुछ सालों में शहर का विकास हो सकेगा। वाराणसी से बीजेपी विधायक और यूपी के मंत्री नीलकंठ तिवारी ने ईटी से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी ने वाराणसी में विकास की गंगा बहा दी है। उन्होंने कहा कि एक कार्यकाल में पीएम मोदी जितना विकास किसी भी सांसद ने आज तक वाराणसी में नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि एक ही कार्यकाल में शिलान्यास और उद्घाटन दोनों हो रहा है।

उधर, विपक्षी कांग्रेसी नेता और 2014 में नरेंद्र मोदी से लोकसभा चुनाव हारने वाले अजय राय ने पीएम मोदी पर वादे निभाने में फेल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपने दिखाए गए थे कि पांच साल में काशी को बदल कर क्योटो बना देंगे लेकिन पीएम का वादा झूठा निकला। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया है कि सपा के शासनकाल में वाराणसी के विकास को जानबूझकर रोक कर रखा गया। बीजेपी नेता के मुताबिक जब योगी आदित्यनाथ ने राज्य की बागडोर संभाली तब से वाराणसी में विकास की रफ्तार तेज हुई है। बतौर बीजेपी नेता यही वजह है कि पिछले एक साल में सीएम योगी आदित्यनाथ करीब दर्जनभर बार वाराणसी का दौरा कर चुके हैं।

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