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सहारनपुर- गंदा पानी पीने को मजबूर हैं लोग

हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से सटा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जनपद पीने के शुद्ध पानी के संकट से जूझ रहा है।

Author May 25, 2017 04:57 am
पूरी दुनिया में विश्व जल दिवस को 22 मार्च को मनाया जाता है। (Source: Reuters photo)

सुरेंद्र सिंघल

हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से सटा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जनपद पीने के शुद्ध पानी के संकट से जूझ रहा है। पानी इस कदर प्रदूषित हो चुका है कि कई गांवों में लोग बीमार पड़ रहे हैं और गर्मियों में यह संकट और गहरा गया है।प्रदूषित जल का बुरा असर बागवानी और खेतीबाड़ी पर भी पड़ा है। जिले में भूजल स्तर बहुत नीचे जाने से किसानों के निजी ट्यूबवैल ठप हो गए हैं। कई ब्लॉक डार्क जोन घोषित होने से किसानों को ट्यूबवैल के नए कनेक्शन प्रतिबंधित होने से भी समस्या गहरी हो गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर जिले के प्रदूषित जल से प्रभावित कई हैंडपंप उखड़वा दिए गए हैं। 1914 नए हैंडपंप लगाने का लक्ष्य तय हुआ था।

इस बीच, जल निगम के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह का कहना है कि हैंडपंप और ट्यूबवैल दोनों के नई बोरिंग करानी होगी। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रदूषित नदियों के जल को स्वच्छ बनाने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे और इसमें सामाजिक संगठनों और संस्थाआें का सहयोग भी लिया जाएगा। इस काम में संसाधनों की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। जिलेभर में 5473 नल खराब हैं। वहां पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं लेकिन अभी तक किसी भी मद में धनराशि का आवंटन नहीं हुआ हैं। एनजीटी ने पानी के परीक्षण के जो 82 नमूने लिए थे उनमें से 36 फेल रहे। 20 गांवों के 619 हैंड पंप का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया।

 

 

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