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नोएडा: एक अप्रैल से महंगे हो जाएंगे दुपहिया वाहन, वायु प्रदूषण से निपटने को सरकार ने उठाए कदम

एक अप्रैल 2017 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष से देश में दुपहिया वाहनों की कीमतें सात फीसद तक बढ़ जाएंगी।
Author नोएडा | February 13, 2017 00:59 am
दिल्ली एनसीआर में धुंध से बचने के लिए मास्क की मांग अचानक तेजी बढ़ गई।

एक अप्रैल 2017 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष से देश में दुपहिया वाहनों की कीमतें सात फीसद तक बढ़ जाएंगी। दुपहिया वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए इंजन और साइलेंसर में बदलाव को कीमत बढ़ने की वजह बताया जा रहा है। अलबत्ता बढ़ी हुई कीमत की तुलना में हवा में प्रदूषणकारी तत्वों की कमी को ज्यादा फायदेमंद माना जा रहा है।
आॅटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक एक अप्रैल 2017 में केवल बीएस-4 (भारत स्टेज-4) इंजन वाले दुपहिया और तिपहिया वाहनों का ही परिवहन विभाग में पंजीकरण होगा। इससे दुपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली सभी कंपनियों ने बीएस-3 (भारत स्टेज-3) के इंजन वाली गाड़ियां बनानी बंद कर दी हैं। अब वे केवल बीएस-4 इंजन वाली गाड़ियां ही बना रहे हैं। बीएस-4 इंजन वाली गाड़ियों को कंपनियां अपने डिस्ट्रीब्यूटरों को मार्च से उपलब्ध कराएंगी। हालांकि 31 मार्च तक बीएस-3 इंजन वाले दुपहिया और तिपहिया गाड़ियों का पंजीकरण होने से शोरूम संचालक भी पुराने स्टॉक को जल्द खत्म करना चाह रहे हैं। जानकारों के मुताबिक बेहतर प्रदूषण नियंत्रण के लिए इंजन में इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन (ईएफआइ) तकनीक, साइलेंसर में फिल्टर समेत कई बदलाव करने जरूरी होंगे। इसके बाद ही वाहन बीएस-4 मानक पर खरा उतर पाएगा। इससे खास तौर पर नाइट्रोजन आॅक्साइड (एनओएक्स) की मात्रा में करीब 70 फीसद तक की कमी आने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट से संबद्ध पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण समिति (ईपीसीए) ने भी वायु प्रदूषण में सुधार के बीएस-3 मानक वाले वाहनों का एक अप्रैल के बाद पंजीकरण बंद करने को कहा है। आॅटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक देश में हर महीने करीब 14-15 लाख दुपहिया वाहन बनाए जाते हैं। इन्हें देशभर में करीब 80 हजार डीलर नेटवर्क के जरिए बेचा जाता है। पहले बीएस-3 से बीएस-4 में परिवर्तित करने की समय सीमा 2020 तक थी। लेकिन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने इसे हर हाल में एक अप्रैल, 2017 से लागू कराने का फैसला लिया है। इसे देखते हुए सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर्स (एसआइएएम) ने काफी पहले से तकनीक में बदलाव कर बीएस-4 मानक के वाहनों का निर्माण शुरू कर दिया है। इंजन, साइलेंसर में फिल्टर समेत कई बदलावों की वजह से जहां प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं वाहनों की कीमत भी करीब 7 फीसद तक बढ़ेगी। पावर बाइक वर्ग में 200सीसी की मोटरसाइकिल की अधिकतम कीमत करीब एक लाख रुपए और कम से कम 40 हजार रुपए है। दुपहिया वाहनों की औसत कीमत करीब 50 हजार रुपए है। बीएस-4 मानक वाली दुपहिया वाहनों की कीमत करीब 53000 हजार रुपए तक होगी।

नोएडा आॅटोमोबाइल डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-10 में टीवीएस कंपनी के शोरूम के संचालक अरविंद शोरेवाला ने बताया कि बीएस-3 इंजन वाली गाड़ियों का पंजीकरण 31 मार्च, 2017 तक होगा। इस वजह से कंपनी से फिलहाल गाड़ियां नहीं मंगाकर पहले से रखे स्टॉक को सभी सदस्य बेच रहे हैं। हालांकि कंपनियों ने बीएस-4 इंजन की गाड़ियां बनानी शुरू कर दी हैं। जिन्हें आने वाले दिनों में मंगाया जाएगा। वहीं एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य और सेक्टर-9 स्थित यामाहा के शोरूम के संचालक संजय कोहली का मानना है कि बीएस-3 से बीएस-4 इंजन में बदलाव की वजह से कीमतें बढेंगी। हालांकि पहले से खरीदी जा चुकी बीएस-3 गाड़ियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उधर, आॅटोमोबाइल मैकेनिकों ने भले ही इंजन में बदलाव ने वायु प्रदूषण में कमी को अच्छा कदम बताया है। लेकिन उसके पिकअप में काफी कमी आने, पेट्रोल का खर्च बढ़ने और इंजन की क्षमता प्रभावित होने की आशंका जताई है। सेक्टर-9 के आॅटो मार्केट में दुपहिया मैकेनिक सत्तार ने बताया कि युवाओं में ज्यादा पावर वाली मोटर साइकिल का आकर्षण उसकी पिकअप की वजह से होता है। यदि पिकअप ही कम हो जाएगी, तब तेज गति से एक पैर पर मोटरसाइकिल को घुमाना, फर्राटा भरते हुए निकलना बंद हो जाएगा। इस वजह से बीएस-3 इंजन वाली मोटर साइकिलों की मांग लगातार बनी रहेगी। आरटीओ के अधिकारियों ने एक अप्रैल, 2017 से बीएस-4 वाले दुपहिया वाहनों के पंजीकरण संबंधी तैयारियां शुरू भी कर दी हैं। हालांकि गौतम बुद्ध नगर के आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि परिवहन मंत्रालय से आने वाले दिनों में स्पष्ट आदेश आने के बाद ही विधिवत रूप से सभी दुपहिया वाहन विक्रेताओं से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

 

 

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