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यूपी: 2019 में ढाई गुना ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य

सरकार ने 2019 में प्रदेश भर में 22.55 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि 2018 में प्रदेश भर में करीब 9.16 करोड़ पौधे रोपे गए।

Author नोएडा। | October 17, 2018 9:56 AM
रोपे गए पौधों से 15 फीसद से ज्यादा के सूखने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही होगी।

2018 का पौधरोपण सत्र हाल ही में समाप्त हुआ है। इस दौरान लगाए गए पौधों के ब्योरे को वन विभाग समेत अभियान में शामिल विभाग तैयार ही कर पाए थे कि उत्तर प्रदेश सरकार के 2019 में लगाए जाने वाले पौधों के लक्ष्य ने सरकारी विभागों की नींद उड़ा दी है। सरकार ने 2019 में प्रदेश भर में 22.55 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि 2018 में प्रदेश भर में करीब 9.16 करोड़ पौधे रोपे गए। अगले साल के लक्ष्य के करीब 50 फीसद पौधे (करीब 11 करोड़) एक ही दिन यानी 15 अगस्त 2019 को रोपे जाने हैं। मौजूदा वर्ष के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा पौधे लगाने के लिए जमीन चिन्हित करना वन विभाग समेत दो दर्जन से ज्यादा अन्य सरकारी महकमों के लिए परेशानी की सबसे बड़ी वजह साबित हो सकती है। खास बात यह है कि बीते वर्षों के मुकाबले वर्तमान में रोपे जाने वाले सभी पौधे ऑनलाइन निगरानी प्रणाली से जुड़ेंगे। जीपीएस युक्त पौधरोपण निगरानी प्रणाली (पीएमएस) से रोपे जाने वाले सभी पौधे जुड़ेंगे।

रोपे गए पौधों से 15 फीसद से ज्यादा के सूखने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019 में पौधरोपण अभियान (1 जुलाई से 30 सितंबर) के लिए 22.55 करोड़ का लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य प्रदेश में पौधरोपण अभियान के दौरान लगाए जाने वाले पौधों का सबसे ज्यादा है। लक्ष्य के आधे पौधे यानी 11. 27 करोड़ एक ही दिन, 15 अगस्त 2019 को लगाए जाएंगे। गौतम बुद्ध नगर में 2018 के पौधरोपण अभियान के दौरान करीब 6.80 पौधे लगाए गए थे, जबकि 2019 में 7.50 लाख पौधे लगाए जाने हैं। इन पौधों के लिए जमीन चिन्हित करने के अलावा पुराने लगे पौधों की देखभाल का ब्योरा संजो कर रखने की मुख्य जिम्मेदारी गौतम बुद्ध नगर वन विभाग की है। कुल लक्ष्य के 25 फीसद पौधे रोपने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। अन्य 25 फीसद पौधे लगाने की जिम्मेदारी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण निभाती है। शेष 50 फीसद 24 सरकारी विभागों की होती है।

7.50 लाख का 25 फीसद लगाने के लिए अकेले वन विभाग को ही 100 एकड़ जमीन पौधरोपण के लिए सुरक्षित रखने की चुनौती है। गौतम बुद्ध नगर से इतर जिला आजमगढ़ को 62 लाख और बुलंदशहर को 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। वहां पर इन पौधों को लगाने के लिए करीब 500 से 1 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पौधों के लिए गड्ढा खोदने का काम जून में शुरू किया जाना है। गड्ढा खोदने के साथ ही पौधरोपण निगरानी प्रणाली (पीएमएस) प्रभावी हो जाएगी। ऑनलाइन रोपे जाने वाले सभी पौधों का ब्योरा विभाग के पास उपलब्ध होगा। संख्या को बढ़ाकर दिखाने, पुराने लगे पौधों को शामिल करना पीएमएस के कारण संभव नहीं होगा। साथ ही रोपे गए 15 फीसद से ज्यादा पौधों के सूख जाने पर संबंधित विभाग से जांच कराकर स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

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