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नोएडाः संपत्ति को फ्री होल्ड करने के प्रस्ताव पर धीमा हो रहा काम

लीज होल्ड बनाम फ्री होल्ड के फायदे-नुकसान को लेकर विशेषज्ञों और लोगों की अलग- अलग राय हैं।

Author नोएडा, 3 अक्तूबर। | October 4, 2018 4:42 AM
चित्र का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है

संपत्ति को लीज की जगह फ्री होल्ड करने की बरसों पुरानी मांग पर प्राधिकरण में काम चल रहा है। भले ही धीमी गति से हो रहे इस काम के पहले चरण में औद्योगिक महानगर की आवासीय संपत्ति को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव नियोजन विभाग (प्लानिंग डिपार्टमेंट) तैयार कर रहा है। जिसे बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। वहां की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। शासन स्तर से मंजूरी के बाद ही प्रस्ताव को योजना के रूप में लागू किया जाएगा। हालांकि लीज होल्ड बनाम फ्री होल्ड के फायदे-नुकसान को लेकर विशेषज्ञों और लोगों की अलग- अलग राय हैं। इससे शहर के मौजूदा प्रारूप में बड़ा बदलाव और आबादी बढ़ने की अधिक संभावना है। जिससे विकासीय परियोजनाओं पर असर पड़ेगा। वहीं, आबंटियों को लीज और रेंट के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। उनके पास संपत्ति का मालिकाना हक होगा।

1976 में गठित नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) में केवल गांव की जमीन (आबादी और लाल डोरा) ही फ्री होल्ड जमीन है। शहर की अन्य सभी तरह की जमीन पर प्राधिकरण का मालिकाना हक है। मास्टर प्लान के आधार पर प्राधिकरण निर्धारित भू उपयोग के आधार पर लीज पर संपत्ति आबंटित करता है। आबंटी को संपत्ति हस्तांतरित (ट्रांसफर) कराने के लिए प्राधिकरण को शुल्क देना होता है। प्राधिकरण के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बगैर लीज होल्ड संपत्ति बेची नहीं जा सकती है। वहीं, फ्री होल्ड होने के बाद शहर के मौजूदा बुनियादी ढांचे में परिवर्तन होगा। दिल्ली, गाजियाबाद आदि शहरों की तर्ज पर मंजिलवार (फ्लोर वाइज) रजिस्ट्री हो सकेगी। इससे एकाएक काफी आबादी के बढ़ने की संभावना है। फिलहाल शहर की आबादी करीब 16 लाख मानी जा रही है, यह आबादी मास्टर प्लान के अनुसार 2021 में होनी चाहिए थी। मास्टर प्लान 2031 में शहर की आबादी 25 लाख अनुमानित है।

पार्किंग मुद्दे पर उद्यमियों के साथ वार्ता विफल, आज होगा विरोध प्रदर्शन

औद्योगिक सेक्टरों को पार्किंग मुक्त करने की मांग को लेकर बुधवार को प्राधिकरण अफसरों और उद्यमी संगठनों के बीच हुई वार्ता विफल रही। उद्यमियों के संगठन नोएडा आंत्रपेनियर एसोसिएशन (एनईए) कारखानों के आगे पार्किंग शुल्क व्यवस्था बंद करने की मांग को प्राधिकरण अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद उद्यमी समेत कई सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने 4 अक्तूबर को प्राधिकरण की घेराबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराने का एलान किया। हालांकि वार्ता में प्राधिकरण सीईओ आलोक टंडन ने एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंड के आगे निशुल्क पार्किंग करने का सुझाव दिया था लेकिन उद्यमी इसे मानने को तैयार नहीं हुए। गुरुवार को सुबह 9 बजे एनईए समेत शहर के दर्जन भर सामाजिक संगठन पदयात्रा करते हुए सेक्टर- 6 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन पहुंचेंगे। जहां मांगों को लेकर प्रदर्शन कर घेराबंदी की जाएगी।

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