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नोएडा: जिनकी नहीं थी सुध, उनमें कर रहे सुधार, 41 पार्किंग स्थलों के अलावा अन्य पार्किंग स्थल होंगे अवैध

उत्तर प्रदेश में जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से सपा सरकार के दौरान तैनात रहे अफसरों की कार्यशैली एकाएक बदल गई है।

Author नोएडा | April 6, 2017 3:38 AM
प्रतीकात्मक चित्र।

उत्तर प्रदेश में जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से सपा सरकार के दौरान तैनात रहे अफसरों की कार्यशैली एकाएक बदल गई है। मामला चाहे अतिक्रमण, अवैध कब्जों या मीट की अवैध दुकानों का हो, सभी में नियमों के मुताबिक काम किया जा रहा है। पारदर्शी व्यवस्था और बदलाव की मौजूदा कड़ी में नोएडा प्राधिकरण ने पहली बार शहर के वैध पार्किंग स्थलों और उनके क्षेत्रफल को वेबसाइट पर आॅनलाइन किया है।  पिछले करीब 10 सालों के दौरान शहर में पार्किंग की समस्या और पार्किंग ठेकेदारों की गुंडागर्दी से शहर की जनता त्रस्त रही है। नागरिकों समेत आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की तमाम शिकायतों के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक पुराने धब्बों को मिटाने और अव्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ऐसी पहल शुरू हुई हैं।  प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर में सबसे बड़ी पार्किंग सेक्टर- 80 में है। जिसका क्षेत्रफल करीब 74 हजार वर्ग मीटर है। क्षेत्रफल के लिहाज से सेक्टर- 18 में निर्माणाधीन मल्टी लेवल कार पार्किंग दूसरे नंबर पर होगी।

14,212 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा हिस्से का पार्किंग में इस्तेमाल होगा। तीसरे नंबर पर सेक्टर- 63 के सी ब्लाक की 14 हजार वर्ग मीटर और चौथे नंबर पर सेक्टर- 63 के डी ब्लाक की 12,400 वर्ग मीटर की पार्किंग है। अधिकारियों के मुताबिक वैध पार्किंग की सूची में कुल 41 जगहों को चिह्नित किया गया है। सभी वैध पार्किंग स्थलों की क्षेत्रवार सूची आॅनलाइन कर दी गई है। यानी उक्त 41 पार्किंग स्थलों के अलावा पार्किंग के रूप में इस्तेमाल हो रहे अन्य इलाके अवैध होंगे। पार्किंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण ने यह भी तय कर दिया है कि क्षमता के मुताबिक ही पार्किंग में वाहन खड़े होंगे। क्षमता पूरी होने पर लोगों को आसपास इलाके के अन्य पार्किंग स्थलों तक जाना पड़ेगा। प्रत्येक पार्किंग क्षेत्र के सामने ठेकेदार का नाम बोर्ड पर लिखा होगा। ताकि भुगतान में बदतमीजी या गुंडागर्दी की शिकायत मिलने पर सीधे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण ने तकनीक का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में गाड़ी खड़ी करनी है, उस इलाके में पार्किंग की जानकारी आॅनलाइन वेबसाइट पर जाकर देखी जा सकती है। यहीं नहीं, अगर वहां पर जगह पूरी तरह से भर चुकी है। तब आसपास के पार्किंग स्थलों का विकल्प भी लोगों को मिलेगा।

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