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RWA के जिम्मे सफाई व्यवस्था

स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में शहर के पिछड़ने और बदहाल होती सफाई व्यवस्था से निपटने के लिए प्राधिकरण ने नोएडा के सेक्टरों की आरडब्लूए की सफाई व्यवस्था कराने की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत सफाई व्यवस्था के तहत संबंधित रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन को वे सभी काम करने होंगे, जो वर्तमान में किसी ठेकेदार के जरिए उनके सेक्टर में किए जा रहे हैं।

प्रतीकात्मक फोटो (फाइल)

स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में शहर के पिछड़ने और बदहाल होती सफाई व्यवस्था से निपटने के लिए प्राधिकरण ने नोएडा के सेक्टरों की आरडब्लूए की सफाई व्यवस्था कराने की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत सफाई व्यवस्था के तहत संबंधित रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन को वे सभी काम करने होंगे, जो वर्तमान में किसी ठेकेदार के जरिए उनके सेक्टर में किए जा रहे हैं। आरडब्लूए को श्रम कानूनों का पालन कराते हुए यह काम वर्तमान में साफ-सफाई पर होने वाले खर्च को 75 फीसद की सीमा में पूरा करना होगा। इसके बाबत फोनरवा के प्रस्ताव को प्राधिकरण अधिकारी मंजूरी की वजह बता रहे हैं। वहीं, जानकारों के मुताबिक अपने स्तर से ठेकेदारी प्रथा से सफाई कराने में होने वाली दिक्कतों से निपटने और शहरवासियों की गंदगी को लेकर होने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए स्वच्छता से जुड़े नाजुक मसले से अपने हाथ पीछे किए हैं।

आरडब्लूए के स्तर से सफाई कराने के बाद भी गंदगी मिलने पर जवाबदेही से प्राधिकरण बच जाएगा। प्राधिकरण ने 1 फरवरी 2018 से सेक्टर-47, 49, 52 और 66 की साफ-सफाई कराने के लिए फोनरवा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जबकि प्राधिकरण ने चंद दिनों पहले एजी एनवायो नामक कंपनी के साथ सफाई व्यवस्था को लेकर 10 साल का करार किया है। करीब 306 करोड़ रुपए की लागत से इस कंपनी के कर्मचारी शहर में घर-घर समेत सभी प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठाएंगे। 1400 रुपए प्रति टन कूड़े की दर से प्राधिकरण कंपनी को भुगतान करेगी। शुरुआती चरण में 24 जनवरी 2019 से कंपनी ने सेक्टर-14, 49, 50, 51, 137 और अगाहपुर गांव में काम शुरू किया था। इसके तीन दिन बाद ही प्राधिकरण ने एकाएक फेडरेशन आॅफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन (फोनरवा) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जिसमें फोनरवा ने साफ-सफाई पर व्यय होने वाली रकम के 75 फीसद से ही चाक-चौबंद व्यवस्था करने का दावा किया था। प्राधिकरण ने मांग को मानते हुए सेक्टर-47, 49, 52 और 66 की सफाई व्यवस्था आरडब्लूए को सौंपने का निर्णय लिया है। हालांकि एक तरफ कंपनी के साथ पूरे शहर को लेकर हुए करार और दूसरी तरफ आरडब्लूए को सफाई व्यवस्था की कमान सौंपने के बीच का रास्ता क्या निकलेगा? अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है।

हालांकि फोनरवा ने उक्त चार सेक्टरों के अलावा सेक्टर-51 को भी देने की मांग की थी लेकिन यहां एजी एनवायो काम कर रही है। 1 फरवरी से उक्त चार सेक्टरों की सफाई संबंधित आरडब्लूए कराएगी, जिसके सापेक्ष वर्तमान व्यय के 75 फीसद सीमा तक प्रतिपूर्ति की जाएगी। आरडब्लूए अपने स्तर पर सफाई कर्मचारी रखेंगी। सफाई व्यवस्था के तहत आरडब्लूए को वे सभी काम करने होंगे, जो वर्तमान में सफाई को लेकर कोई ठेकेदार उनके सेक्टर में कर रहा है। जैसे सड़क-नाली साफ करना, कूड़े को इक्टठा कर प्राधिकरण के ढलाव घर तक पहुंचाना आदि। वह भी श्रम कानूनों का पालन कराते हुए।

’प्राधिकरण ने सफाई व्यवस्था आरडब्लूए को देने के प्रस्ताव को किया मंजूर
’वर्तमान भुगतान का 75 फीसद ही आरडब्लूए को देगा प्राधिकरण
’श्रम कानून का पालन करने की आरडब्लूए की होगी जिम्मेदारी

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