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और लंबा हुआ ग्रेटर-नोएडा मेट्रो का इंतजार

चीन से आने वाली मेट्रो ट्रेन की दूसरी खेप 15 जनवरी तक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएगी, जहां से सड़क के रास्ते यह ग्रेटर नोएडा डिपो तक पहुंचेगी।

Author नोएडा | January 8, 2018 04:52 am
दिल्ली मेट्रो।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो के पटरी पर उतरने की राह देख रहे यात्रियों का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। बिजली की निरंतर आपूर्ति में देरी होने के कारण इस लाइन का संचालन अप्रैल 2018 में शुरू होने के बजाए एक-दो महीने आगे खिंचने के आसार हैं। हालांकि चीन से आने वाली मेट्रो ट्रेन की दूसरी खेप 15 जनवरी तक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएगी, जहां से सड़क के रास्ते यह ग्रेटर नोएडा डिपो तक पहुंचेगी। दूसरी खेप में चार मेट्रो ट्रेनें आ रही हैं। उसके बाद हर 15 दिन पर चीन से मेट्रो टेÑन के कोच भारत पहुंचेंगे। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच बनी एक्वा लाइन की मेट्रो का शुरुआती परीक्षण (ट्रायल रन) दो जनवरी को हुआ था। इसके लिए चीन से एक मेट्रो ट्रेन काफी दिन पहले ग्रेटर नोएडा डिपो पहुंची थी। नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) को सेक्टर-148 के पावर सब स्टेशन (बिजलीघर) से एक्वा लाइन के लिए बिजली आपूर्ति की जानी है।

मेट्रो के परीक्षण के लिए फिलहाल एनएमआरसी ने बिजली विभाग को तीन करोड़ रुपए का भुगतान कर अस्थायी कनेक्शन लिया है। बताया गया है कि एक किलोमीटर लंबे शुरुआती परीक्षण के लिए एनएमआरसी को वैकल्पिक साधन अपनाने पड़े थे। मेट्रो परीक्षण और बाद में संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए एनएमआरसी ने बिजली विभाग को तीन पत्र लिखे हैं। तीन करोड़ रुपए का अस्थायी कनेक्शन लेने के बाद दो जनवरी को मेट्रो का शुरुआती परीक्षण हो पाया था। जनवरी के अंत तक सेक्टर-148 के बिजली घर से कनेक्शन मिलने के बाद ही मेट्रो का औपचारिक परीक्षण शुरू हो पाएगा। हालांकि बिजली आपूर्ति की दिक्कतों को देखते हुए ही एनएमआरसी ने एक्वा लाइन के मेट्रो स्टेशनों, फुटओवर ब्रिज और डिपो की छत को सौर पैनल लगाने के हिसाब से डिजाइन किया है, ताकि सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन किया जा सके।

29.7 किमी लंबी नोएडा-ग्रेटर नोएडा लाइन के लिए कुल 11 ट्रेनें चीन से आनी हैं। इसमें से एक आ चुकी है। दूसरे चरण में चार ट्रेनें 15 जनवरी तक मुंद्रा बंदरगाह पहुंच रही हैं। ट्रेनों की जांच के लिए एनएमआरसी के निदेशक और नोएडा अध्यक्ष आलोक टंडन समेत डीएमआरसी के अधिकारी चीन गए थे। मेट्रो की दूसरी खेप आने के बाद एक्वा लाइन पर बने छह स्टेशनों पर मेट्रो का परीक्षण शुरू होगा। करीब तीन महीने के परीक्षण के बाद तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिलने के बाद मुसाफिर एक्वा लाइन की मेट्रो में सफर का लुत्फ उठा सकेंगे।

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