ताज़ा खबर
 

साल के किसी महीने हजारों तो किसी महीने एक भी नहीं हुआ चालान

एक्सप्रेस-वे पर यातायात नियम तोड़ने पर हुए ई-चालान ने ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया है। नोएडा को ग्रेटर-नोएडा से जोड़ने वाली एक्सप्रेस-वे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक प्रणाली पर कुछ सालों में कई महीने ऐसे रहे हैं, जिस दौरान एक भी चालान का शमन नहीं हुआ, जबकि जारी हुए ई-चालान की संख्या हजारों में रही।

Author नोएडा | December 20, 2018 5:50 AM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर (फाइल)

एक्सप्रेस-वे पर यातायात नियम तोड़ने पर हुए ई-चालान ने ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया है। नोएडा को ग्रेटर-नोएडा से जोड़ने वाली एक्सप्रेस-वे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक प्रणाली पर कुछ सालों में कई महीने ऐसे रहे हैं, जिस दौरान एक भी चालान का शमन नहीं हुआ, जबकि जारी हुए ई-चालान की संख्या हजारों में रही। समाजसेवी रंजन तोमर ने आरटीआइ के जरिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मार्च 2015 से लगाए गए इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम के जरिए अक्तूबर 2018 तक जारी हुए ई चालानों का विवरण मांगा। इसके जवाब मिलने पर यह खुलासा हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार, 2015 में कुल 16671 चालन किए गए। 2016 में कुल 11338 चालान काट,े लेकिन चार महीने ऐसे रहे, जिसमें एक भी चालान नहीं काटा गया। इसी तरह 2017 में 11490 चालान हुए पर पांच महीने तक एक भी चालान नहीं कटा। इस दौरान कभी महीने भर में मात्र 304 तो किसी महीने 38,201 चालान हुए। 2018 के जनवरी महीने के दौरान एक भी चालान नहीं काटा गया, लेकिन फरवरी ने अक्तूबर तक 35890 काट दिए गए। करीब चार साल में कुल 75389 चालान काटे गए।

2015 में कुल 6299 चालान का शमन होने से 19,48,500 रुपए अर्जित किए। 2016 में 2544 चालान शमन हुए, जिसने 8,04,200 रुपए वसूले गए। 2017 में पांच महीने तक एक भी चालान का शमन नहीं हुआ। 2018 में 620 चालान का शमन होने से अक्तूबर तक 3,84,200 रुपए अर्जित किए गए। 2018 में भी तीन महीने ऐसे रहे, जिसमें एक भी चालान शमन नहीं किया गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App