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नरेश भाटी और सुंदर भाटी गिरोह से भी जुड़ा था बजरंगी

बागपत जेल में मारे गए कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी ने पांच साल पहले नोएडा के एक नामी बिल्डर से रंगदारी मांगी थी, जिसको लेकर थाना सेक्टर-58 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। बजरंगी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल है।

Author नोएडा, 9 जुलाई। | July 10, 2018 06:03 am
मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेम प्रकाश पूर्वांचल के अलावा पश्चिमी यूपी में भी दबदबा कायम करना चाहता था।

बागपत जेल में मारे गए कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी ने पांच साल पहले नोएडा के एक नामी बिल्डर से रंगदारी मांगी थी, जिसको लेकर थाना सेक्टर-58 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। बजरंगी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल है। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। नरेश भाटी गिरोह से अलग होने के बाद मुन्ना बजरंगी ने फिलहाल जेल में बंद सुंदर भाटी से करीबी बनाई थी। सुंदर भाटी और मुन्ना बजरंगी ने अपराध की दुनिया में नया गठजोड़ बनाया था, जिसके तहत मुन्ना बजरंगी पूर्वी उत्तर प्रदेश में वारदात करता था, जबकि सुंदर भाटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहा।

मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेम प्रकाश पूर्वांचल के अलावा पश्चिमी यूपी में भी दबदबा कायम करना चाहता था। दिल्ली-एनसीआर व नोएडा में बिल्डर से रंगदारी मांगने से लेकर पुलिस अधिकारी समेत राजनीतिक रसूख में कई हत्याओं को लेकर बजरंगी चर्चा में आया था। एनसीआर में 1997 में मुन्ना बजरंगी का नाम तब चर्चा में आया था, जब बाहुबली सांसद डीपी यादव के बड़े भाई राम सिंह यादव की गाजियाबाद में हत्या की गई थी। उस समय नरेश भाटी और डीपी यादव की रंजिश चल रही थी। इससे पहले 1994 में विधायक महेंद्र सिंह भाटी की हत्या हुई थी।

महेंद्र भाटी उस समय नरेश भाटी गिरोह से जुड़ा था। 1998 में बजरंगी को को यूपी-दिल्ली सीमा के पास बवाना इलाके में पुलिस ने घेर लिया था। बजरंगी के गोली चलाने पर यूपी एसटीएफ ने भी गोलियां चलार्इं। गोलीबारी में मुन्ना बजरंगी को गोली लग गई थी। मुन्ना बजरंगी को नरेश भाटी पर मुठभेड़ की मुखबिरी कराने का शक था। उसके बाद नरेश भाटी और मुन्ना के बीच दुश्मनी हो गई। 2003 में नरेश भाटी की हत्या में भी मुन्ना का नाम चर्चा में रहा था। दिल्ली पुलिस के एसीपी राजबीर सिंह की हत्या में भी बजरंगी के शामिल होने की आशंका जताई गई थी।

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