ताज़ा खबर
 

नोएडा वेस्ट तक का सफर सुहाना बनाएगी मेट्रो

सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 तक जाने वाले कुल 14.958 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर करीब 2668.16 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

Author नोएडा | December 14, 2016 4:39 AM
दिल्ली की तर्ज पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी मेट्रो का जाल बिछाए जाने को उत्तर प्रदेश सरकार खास तवज्जो दे रही है।

दिल्ली की तर्ज पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी मेट्रो का जाल बिछाए जाने को उत्तर प्रदेश सरकार खास तवज्जो दे रही है। इस कड़ी में नोएडा से ग्रेटर नोएडा रूट पर एक नया मेट्रो कॉरिडोर बनाने की योजना है। सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 तक जाने वाले कुल 14.958 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर करीब 2668.16 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 2020-21 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद रोजाना करीब 1.23 लाख लोग इस रूट की मेट्रो से सफर करेंगे। संभावना है कि नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाली इस परियोजना का आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शिलान्यास करेंगे।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) में निर्माणाधीन करीब 5 लाख फ्लैटों के खरीदारों को इस नई लाइन का फायदा मिलेगा। 2018-19 से फ्लैटों का कब्जा मिलने के बाद लोगों के यहां बसने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए 2020-21 तक यहां मेट्रो चलाने की योजना बनाई गई है। वहीं नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा जाने वाली मेट्रो की एक्वा लाइन का संचालन दिसंबर 2017 में शुरू किया जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक, लोगों की सुविधा और एक रूट पर ज्यादा भीड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मेट्रो की योजना तैयार की गई है। एक्वा लाइन पर नोएडा से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाली दोनों मेट्रो का जंक्शन सेक्टर-71 में होगा। करीब 15 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर कुल 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से सेक्टर-122 और 123 नोएडा में होंगे, जबकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4, ईकोटेक-12, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-10, सेक्टर-12 और नॉलेज पार्क-5 होंगे। नॉलेज पार्क-5 स्टेशन के पास मेट्रो यार्ड बनाया जाएगा। इस लाइन के शुरू होने के बाद रोजाना 1.23 लाख मुसाफिर मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे, लिहाजा यहां भी शुरुआत में 4 कोच वाली मेट्रो चलाने की योजना है।

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना का 10 फीसद खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा, जबकि 5 फीसद हिस्सेदारी नोएडा प्राधिकरण की होगी। 45 फीसद रकम वित्तीय संस्थानों के जरिए जुटाई जाएगी और बाकी की रकम प्रदेश सरकार व केंद्र मुहैया कराएगा। खास बात यह है कि खर्च कम करने के लिए इस रूट की मेट्रो को एलिवेटेड कॉरिडोर पर बनाया जाएगा। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक संतोष यादव के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को इस मेट्रो से बड़ी राहत मिलेगी। शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।

 

एयर इंडिया ने शुरु की दिल्ली से स्पेन तक सीधी फ्लाइट

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App