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अब डिजिटल में भी कतार

सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण क्रेडिट या डेबिट कार्ड लेकर पहुंचे लोगों को खड़े रहने पर मजबूर किया।

Author नोएडा | January 3, 2017 1:37 AM
डिजिटल लेनदेन करने वाले एक ग्राहक को एक करोड़ का इनाम (Representative Image)

नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा कराने की मियाद खत्म होने और ज्यादातर जगहों पर नकद रहित व्यवस्था चालू होने के बावजूद लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। 2017 के पहले दिन सोमवार को खुले बैंकों के बाहर तनख्वाह, पेंशन धारकों के अलावा बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार खड़े हुए। लोगों का आरोप है कि सरकार ने भले ही एटीएम से रुपए निकालने की सीमा बढ़ा दी है लेकिन बैंकों की हालत में कोई सुधार नहीं आया है। बैंकों में नए नोट जरूरत की मुताबिक नहीं पहुंच रहे हैं। जिस वजह से परेशानी पहले जैसी बनी हुई है। यहां तक कि खाते में रकम होने के बावजूद लोग चेक हाथों में लेकर खड़े रहे और रकम नहीं मिली। वहीं, नकद रहित व्यवस्था अपनाने के तहत जिन कारोबारियों ने स्वाइप मशीन या अन्य माध्यमों का सहयोग लिया है, वहां सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण क्रेडिट या डेबिट कार्ड लेकर पहुंचे लोगों को खड़े रहने पर मजबूर किया। कमोबेश यही स्थिति चेक से तनख्वाह लेने वालों को झेलनी पड़ रही है। बताया गया कि चेक के पास होने में 5-7 दिनों तक का समय लग रहा है। उधर, सोमवार को जिनके खातों में पेंशन या कर्मचारियों की तनख्वाह पहुंची, उन्हें बैंकों से महज 10 हजार रुपए मिले। इस पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई।

जानकारों का मानना है कि नोटबंदी के 55 दिनों बाद काफी लोगों ने नकद रहित व्यवस्था अपना ली है। जिसके तहत नकद के बजाए डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान या पेटीएम ऐप आदि का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उन लोगों के लिए सर्वर की धीमी गति परेशानी की वजह बन रही है। सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण ग्राहक के खाते से तो रकम निकल रही है लेकिन वह विक्रेता के खाते में पहुंचने में काफी समय लगा रही है। इससे भी लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सभी व्यवस्थाएं सुधारने के बाद एक- एक कदम बढ़ाया जाना चाहिए था। एकाएक सब तरफ से नाकेबंदी से पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। उल्लेखनीय है कि नकद रहित व्यवस्था अपनाने के तहत शहर की ज्यादात फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के बैंकों में खाते खुलवाए गए हैं। उद्यमी संगठन समेत कई संस्थाएं इसमें मजदूरों की मदद कर रही हैं। बताया गया है कि करीब 2 लाख ऐसे कर्मचारियों के खाते खोले गए हैं, जिनके खातों में 7-10 जनवरी के बीच तनख्वाह भेजी जानी है। इसके अलावा एटीएम बूथों पर 500 रुपए के नोटों की कमी बरकरार है। निकासी सीमा बढ़ने के बाद की कुछ एटीएम मशीनों से केवल 2500 रुपए ही निकल रहे हैं। जिन मशीनों में 500 रुपए नहीं डाले गए हैं, वहां से 4 हजार रुपए की निकासी हो रही है।

 

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