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यहां 1 रुपए प्रति किलो में बेची जा रही हैं सब्जियां, फिर भी नहीं मिल रहे खरीददार

घर-घर जाकर ठेले पर सब्जी बेचने वाले एक शख्स ने बताया कि उसने किसानों से माल खरीदने वाले बिचौलिए से 250 रुपए में 50 किलो आलू खरीदा था।

Author नई दिल्ली | January 18, 2017 7:09 PM
एक बाज़ार में लगी सब्जियों की दुकान। (फाइल फोटो)

नोटबंदी के बाद से किसानों को भारी समस्या से जूझना पड़ रहा है। किसान औने-पौने दामों में या फ्री में सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। यही नहीं कुछ जगहों पर तो किसान सब्जियों को सड़कों को फेंक रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल यूपी के गौतमबुद्ध नगर के जेवर इलाके का है। यहां किसान बिचौलियों को एक रुपए किलो में सब्जी बेच रहे हैं और 20 रुपए में टमाटर का पूरा ट्रैक्टर दे रहे हैं। बिचौलिए उन सब्जियों को स्थानीय मार्केट में लेकर आ रहे हैं। सब्जियां अच्छी होने के बावजूद भी कोई इसे लेने को तैयार नहीं है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक जेवर के किसानों का दावा है कि नोटबंदी के फैसले के बाद से बाजार में मंदी छाई हुई है। पिछले 6 महीने से सब्जियों के दाम इतने गिर गए हैं बिल्कुल भी मुनाफा नहीं हो रहा है। जिसके चलते सब्जियों की भरमार हो गई है।

किसानों का कहना है कि पिछले दो महीने से कैश की दिक्कत होने के बाद से किसानों को सब्जियों के लिए खरीददार नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते किसान मामूली कीमतों में सब्जियां बेचने को मजबूर है। रिपोर्ट के मुताबिक बिचौलियों से सब्जियां खरीदने के बाद छोटे दुकानदार सब्जियों को 5 से 8 रुपए प्रति किलो में बेच रहे हैं, जो कि सब्जी की क्वालिटी और वैराइटी पर निर्भर करता है। एक किसान ने बताया कि किसानों से हम जो सब्जियां खरीद भी रहे हैं वह बहुत धीरे-धीरे बिक रही हैं। लोग ज्यादा सब्जियां नहीं खरीद रहे हैं। ज्यादातर किसान अपनी सब्जियां एक से दो रुपए प्रति किलो में बेचने पर मजबूर है। जेवर के किसान अपनी पैदावार को हरियाणा के पलवल या बुलंदशहर में बेच रहे हैं।

घर-घर जाकर ठेले पर सब्जी बेचने वाले एक शख्स ने बताया कि उसने किसानों से माल खरीदने वाले बिचौलिए से 250 रुपए में 50 किलो आलू खरीदा था। उसके पास टमाटर, आलू और मूली जैसी कई मौसमी सब्जियां भी थी। उसने बताया कि वह अब इन आलू को 7 रुपए किलो और मूली को 10 रुपए में बेचेगा। उसने बताया कि पूरा स्टाक बेचने में उसे एक हफ्ते का समय लगेगा और वह औसतन कस्टमर्स से 2 रुपए किलो का मुनाफा लेगा। इस पूरे माल को बेचने पर मुझे 300 से 500 रुपए तक मिलेंगे।

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