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बदस्तूर जारी है नए नोटों का संकट

500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के 20वें दिन भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
Author नोएडा | November 29, 2016 05:01 am
साल 2014 में देश में बाहर गया 1.34 लाख करोड़ का काला धन। (तस्वीर- एक्सप्रेस फोटो)

बैंकों में नए नोटों की कमी अभी भी जारी है और इसका प्रभाव अब बैंककर्मियों के व्यवहार पर भी पड़ने लगा है। कैशियर समेत नकदी देने वाले काउंटर पर बैठने वाले अन्य कर्मचारी पर्याप्त करंसी मिले बिना सीट पर बैठने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को नोएडा की करीब 4 बैंक शाखाओं में प्रबंधकों को अपने ही कर्मचारियों से काफी कुछ सुनना पड़ा। प्रबंधकों का तर्क है कि आरबीआइ और प्रमुख शाखाओं से मांग के मुकाबले 10 फीसद करंसी भी नहीं मिल रही है। यानी जिस बैंक शाखा में 50 लाख रुपए की जरूरत हैं, वहां महज 2 से 5 लाख रुपए की नई करंसी आ रही है। इसके कारण उन्हें लोगों को केवल 2000 रुपए देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। काने की कोशिश कर रहे हैं।

500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के 20वें दिन भी हालात जस के तस बने हुए हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को खुली ज्यादातर बैंक शाखाओं को 20-25 लाख रुपए की मांग के मुकाबले केवल 2-3 लाख रुपए ही मिले। रुपयों की कमी और लोगों की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर शाखा प्रबंधकों ने नए नियम बना लिए हैं। मसलन, पुराने नोट केवल खाताधारक की शाखा में ही जमा होंगे। पत्नी या बेटे के खाते में भी रकम जमा कराने पर प्राधिकार पत्र और आइडी जमा करानी होगी। दूसरी शाखा में न तो नकदी जमा की जा रही है और ना ही ली जा रही है। नकदी का भुगतान भी मूल शाखा में कराने को कहा जा रहा है।

प्रबंधकों के मुताबिक, ये नियम उन्होंने नहीं बल्कि आरबीआइ ने जारी किए हैं। अपने खाताधारकों को घंटों लाइन में लगने के बाद 2000 रुपए देना भी मुश्किल हो रहा है, ऐसे में अन्य शाखाओं के खाताधारकों को रकम देना या जमा कराना मुमकिन नहीं है। दूसरी तरफ, जानकारों का मानना है कि रोजाना करोड़ों रुपए के 100 और 2000 रुपए के नोट बैंक लोगों को दे रहे हैं। कुछ हजार रुपए के एक-दो मामले को छोड़ दिया जाए, तो कोई भी खाताधारक 100 या 2000 रुपए के नए नोट जमा कराने बैंक नहीं आया है, जबकि पहले बैंक में जमा होने वाली करंसी ही निकासी में लोगों को दी जाती थी।

कांग्रेस ने निकाली आक्रोश रैली
कांग्रेसियों ने जीआइपी मॉल के बाहर इकट्ठा होकर नोटबंदी के खिलाफ नारेबाजी भी की। कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोदी सरकार के तानाशाह रवैये के खिलाफ संदेश लिखी हुई तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर ‘तेरे राज में कटोरा सबके हाथ में’, ‘किसान मजदूर रो रहा, प्रधान सेवक सो रहा’, ‘मोदी तेरी मन की बात, गरीब, मजदूर व किसान खाए पेट पे लात’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

 

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