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नोएडा के साइकिल ट्रैक पर चल सकता है योगी सरकार का हथौड़ा

प्रदेश सरकार इन साइकिल ट्रैक की जांच कराएगी, जिसमें फेल होने वाले साइकिल ट्रैक तोड़े जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि जांच का उद्देश्य गलत तरीके से या गलत स्थान पर बने साइकिल ट्रैक को चिह्नित करना है।
Author नोेएडा | July 5, 2017 03:33 am
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file photo)

उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के कार्यकाल में बने साइकिल ट्रैक पर मौजूदा योगी सरकार हथौड़ा चला सकती है। प्रदेश सरकार इन साइकिल ट्रैक की जांच कराएगी, जिसमें फेल होने वाले साइकिल ट्रैक तोड़े जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि जांच का उद्देश्य गलत तरीके से या गलत स्थान पर बने साइकिल ट्रैक को चिह्नित करना है। चिह्नित होने के बाद ऐसे साइकिल ट्रैक हटाए जाएंगे, ताकि तकनीकी खामियों के चलते इन ट्रैक पर साइकिल चलाने वालों को दिक्कत न हो। शासन स्तर पर शुरू हुई इस पहल का असर नोएडा में दिखने लगा है। इस फैसले से सपा खेमे में नाराजगी है। वहीं प्राधिकरण अधिकारी शासनादेश मिलने के बाद साइकिल ट्रैक की जांच शुरू करने का दावा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सपा सरकार के कार्यकाल में शहर में कुल 97 किलोमीटर साइकिल ट्रैक बनाने की योजना थी, जिसमें 42 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल ट्रैक बनाया जा चुका है। इस पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

लोगों को स्वस्थ्य रखने और वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सपा सरकार ने मुख्य मार्गों के किनारे साइकिल सवारों के लिए अलग से ट्रैक बनाने की योजना शुरू की थी। हालांकि विरोधी दलों ने इस योजना को सपा सरकार के चुनाव चिह्न साइकिल का प्रचार बताते हुए इसका विरोध किया था। वहीं शासन के फैसले के चलते 42 किलोमीटर से लंबे अहम मार्गों के किनारे साइकिल ट्रैक बनाया गया। एमपी-1 मार्ग पर साइकिल ट्रैक का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि सेक्टर-62 से 71 और सेक्टर-44 में ट्रैक बनाने का काफी काम हो चुका है। मेट्रो लाइन से सटे इलाकों और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के किनारे भी साइकिल ट्रैक तैयार करने की योजना थी। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद साइकिल ट्रैक का निर्माण बंद हो गया है, लेकिन जांच कराने और गैर-जरूरी साइकिल ट्रैक को तोड़े जाने की आशंका से प्राधिकरण अफसरों में बैचेनी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जांच में यह देखा जाएगा कि खामी कहां है, जिसके चलते ट्रैक पर साइकिल चलाने या पैदल चलने वालों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जानकारों का मानना है कि शहर में आधी-अधूरी तैयारी और बेतरतीब ढंग से बने ज्यादातर साइकिल ट्रैकों में खामियां मिलेंगी। एमपी-1 और सेक्टर-62 में बने साइकिल ट्रैक वाहन पार्किंग स्थलों में तब्दील हो चुके हैं।

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